मनरेगा के मजदूर को नहीं मिल रहा है काम मनरेगा में मजदूर भूखमरी की दौर में चौथम. अधर में अटकी रोजगार सेवकों की सेवा के कारण बीते दो वर्षों से मनरेगा योजना का कार्य प्रभावित है. प्रखंड के 13 पंचायतों में पूर्व से चल रहे 40 योजना अधर में है. रोजगार सेवक नहीं रहने के कारण लंबित योजनाओं की विभागीय प्रक्रिया पूरी नहीं हो पायी है. फलस्वरूप योजना राशि की भुगतान ानहीं हो पा रहा है. राशि भुगतान नहीं होने से जॉब कार्ड धारी मजदूर को काम नहीं मिल रहा है. लंबित योजना के कारण उक्त मद में लगभग 13 लाख रुपया अटका है. प्रखंड में मनरेगा योजनाओं मे तहत ईएफएमएस के प्रक्रिया के तहत 14 सौ जॉब कार्डधारी बनाये गये. उल्लेखनीय है कि मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को सौ दिनों का रोजगार की गारंटी दी जाती है. लेकिन रोजगार सेवक अपनी सेवा शर्त की मांग को लेकर बीते दो वर्ष से कानूनी प्रक्रिया में उलझे हैं. इस कारण से इंदिरा आवास सहायक को भी प्रभार नही दिया गया. रोजगार सेवक के बगैर मनरेगा योजना खटाई में पड़ जाने पर विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी है. कहते हैं पंचायत प्रतिनिधि पंचायत की मुखिया सरिता देवी, पूजा देवी, शोभा देवी, सुशीला देवी, त्रिवेणी पासवान, अमर मुखिया ने बताया कि मजदूरों के रोजगार उन्मुख योजना को इस तरह अधर में अटका देना एक गंभीर बात है. योजना में काम करने वाले गरीब मजदूर अपनी मजदूरी से वंचित हो रहे हैं. रोजगार नहीं मिलने के कारण मजदूर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा आदि जगह पलायन करने को मजबूर हैं. कहते हैं अधिकारी प्रोग्राम पदाधिकारी मो जहांगीर आलम ने बताया कि नये सिरे से इंदिरा आवास सहायक से प्रखंड के रोहियार, ठुठी मोहनपुर, पूर्वी बौरण्य में योजना पर कार्य की जा रही है. पुरानी योजना की प्रक्रिया पूरा कर मजदूरों को लंबित बकाया का भुगतान किया जायेगा.
मनरेगा के मजदूर को नहीं मिल रहा है काम
मनरेगा के मजदूर को नहीं मिल रहा है काम मनरेगा में मजदूर भूखमरी की दौर में चौथम. अधर में अटकी रोजगार सेवकों की सेवा के कारण बीते दो वर्षों से मनरेगा योजना का कार्य प्रभावित है. प्रखंड के 13 पंचायतों में पूर्व से चल रहे 40 योजना अधर में है. रोजगार सेवक नहीं रहने के […]
