मानव मात्र का कर्तव्य ईश्वर भक्ति : संत सतीश चंद्र फोटो है 7 मेंकैप्सन -सत्संग में भाग लेते प्रवचनकर्ताबेलदौर. बिना ईश्वर भक्ति सुख नहीं ,मानव मात्र का कर्तव्य ईश्वर की भक्ति है. इससे अलग होकर मानव दुख भेागता है एवं जीवन मरण के चक्र में पड़ा रहता है. परमेश्वर की भक्ति ही दुख के भवसागर से मुक्ति का एक मात्र साधन है. उक्त बाते शनिवार को जीरोमाईल पनसलवा समीप सत्संगप्रेमी उपेन्द्र सिंह के दरवाजे पर आयोजित एक दिवसीय सत्संग में प्रवचनकर्ता सतीश चंद्र सिह ने कही . परम पुज्य महर्षि मेंही के हृदयस्वरूप संत शाही स्वामी जी के अनुयायी संतमत सत्संग पनसलवा द्वारा आयोजित सत्संग में प्रवचनकर्ताओं ने संतो द्वारा बताये मार्गो की सुक्ष्म व्याख्या कर सत्संगप्रेमियों को भावविभोर कर दिया. मौके पर चन्द्रदेव सिंह, महेश्वर सिंह, दामोदर दास, विंदेश्वरी दास आदि उपस्थित थे.
मानव मात्र का कर्तव्य ईश्वर भक्ति : संत सतीश चंद्र
मानव मात्र का कर्तव्य ईश्वर भक्ति : संत सतीश चंद्र फोटो है 7 मेंकैप्सन -सत्संग में भाग लेते प्रवचनकर्ताबेलदौर. बिना ईश्वर भक्ति सुख नहीं ,मानव मात्र का कर्तव्य ईश्वर की भक्ति है. इससे अलग होकर मानव दुख भेागता है एवं जीवन मरण के चक्र में पड़ा रहता है. परमेश्वर की भक्ति ही दुख के भवसागर […]
