कृष्ण भगवान की 16108 पटरानियां थी : विष्णु महाराज खगड़िया. सात दिवसीय कथा ज्ञान यज्ञ के समापन के अवसर पर कृष्ण के रासलीला की चर्चा की गयी. अड्डा घाट स्थित सूर्य मंदिर के प्रांगण में शनिवार को श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के अंतिम दिन अयोध्या से आये श्री विष्णु महाराज जी ने कहा कि श्रीकृष्ण भगवान के 16108 पटरानियां थी. वह सभी कोई साधारण स्त्रियां नहीं थी. उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि ज्ञान कांड में 4 हजार मंत्र है. कर्म कांड में 80 हजार मंत्र है तथा उपासना कांड में 16 हजार मंत्र है. वहीं उनकी पत्नी बन कर आती है. 100 उप निषद है इसलिए 100 पत्नी है. 8 पटरानियां वह अष्ट प्राकृतिक है. जिन्हें हम भूमि, जल, अग्नि, वायु, आकाश कहते हैं. श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के अंतिम दिन कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. वहीं संध्या आरती में भी लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया. जबकि श्रद्धालुआें के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया. आयोजन समिति के अरूण कुमार मुंशी , हरि सिंह, विजय कुमार, पवन दास, मंदिर पुजारी हरीशचन्द्र जी, चुन्नु, मुन्ना कुमार, संजय कुमार ने बताया कि रविवार को हवन का कार्यक्रम किया जायेगा. मौके पर श्रद्धालुओं की भीड़ अत्यधिक संध्या में देखी गयी.
कृष्ण भगवान की 16108 पटरानियां थी : वष्णिु महाराज
कृष्ण भगवान की 16108 पटरानियां थी : विष्णु महाराज खगड़िया. सात दिवसीय कथा ज्ञान यज्ञ के समापन के अवसर पर कृष्ण के रासलीला की चर्चा की गयी. अड्डा घाट स्थित सूर्य मंदिर के प्रांगण में शनिवार को श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के अंतिम दिन अयोध्या से आये श्री विष्णु महाराज जी ने कहा कि […]
