बेलदौर : दुष्कर्म जैसी घटना में कार्रवाई की बजाय पुलिस पीड़िता को दुत्कार कर थाने से भगा देती है. बेलदौर में 13 जून को हुई दुष्कर्म की वारदात के बाद कुछ ऐसा ही कारनामा थाना पुलिस ने किया. बकौल पीड़िता, जब वह प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने पहुंची, तो उसे दुत्कार कर भगा दिया गया.
तब से लेकर अब तक पीड़िता प्राथमिकी के लिये दर-दर भटक रही थी. 30 जुलाई को उसने एसपी के दरबार में पहुंच कर इसकी शिकायत की थी. आखिरकार 21 अगस्त को बेलदौर में पीड़िता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गयी. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बेलदौर पुलिस इतनी संवेदनहीन हो गयी है कि दुष्कर्म मामले में भी कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता को दुत्कार कर थाने से भगा देती है. उधर, एसपी के निर्देश पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है.
थानाध्यक्ष ने आरोप को बताया बकवास बेलदौर थानाध्यक्ष कपिलदेव ने पीड़िता द्वारा थाने से दुत्कार कर भगाने की बात को बकवास करार दिया है. जब उनसे पूछा गया कि आखिर घटना के इतने दिनों तक प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गयी, तो वे कन्नी काट गये. जानकारी के मुताबिक बोबिल गांव की 17 वर्षीया विवाहिता एसपी को आवेदन देकर अपने साथ 13 जून की रात में घर में घुस कर दुष्कर्म किये जाने की शिकायत की थी.
आवेदन में पीड़िता ने कहा है कि उसकी मां नहीं हैं, इसलिए शादी नाबालिग अवस्था में ही एक गूंगे लड़के से कर दी गयी. इस वजह से वह अपने पति के घर जाना पसंद नहीं कर रही थी.
