खगड़िया : 19 अगस्त 2013 को धमारा स्टेशन पर 28 लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन के द्वारा एक भी आश्वासन को पूरा नहीं करने के विरोध में बुधवार को सर्व दलित संघर्ष मोरचा ने एक समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया.
धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक गायक सुनील छैला बिहारी ने कहा कि धमारा स्टेशन पर 28 लोगों की मौत होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा मां कात्यायनी मंदिर को पर्यटन स्थल का दर्जा देने, धमहरा स्टेशन को मॉडल स्टेशन का दर्जा देने, बदला से धमहरा स्टेशन तक सड़क एवं पुल निर्माण का लिखित आश्वासन अनशनकारियों को दिया गया था.
लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी एक भी कार्य को पूरा नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जिले के लोगों को धोखा मे रख रही है. आज भी धमहरा स्टेशन उपेक्षा का शिकार है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन तथा रेल प्रशासन जब तक इन सभी मांगों को पूरा नहीं करती है. तब तक मोरचा का संघर्ष जारी रहेगा. धरना कार्यक्रम में डॉ विवेकानंद, ई धमेंद्र कुमार, प्रेम कुमार, संदीप कुमार, कारे लाल, वंशी धर यादव, शंभु सिंह, अश्वनी कुमार, प्रेम चंद्र, रवि सहित मोरचा के दर्जनों सदस्य उपस्थित थे.
