गोगरी:गरीबों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की सरकारी व्यवस्था इन दिनों खुद अपने इलाज के लिए तरस रही है. रेफरल अस्पताल खुद बीमार बना है.
यहां गंदगी के बीच मरीजों को इलाज करवाने की मजबूरी बनी हुई है. इमरजेंसी वार्ड से लेकर प्रसव गृह तक गंदगी का साम्राज्य कायम है. जो खुद कई बीमारियों को न्योता दे रहा है. अस्पताल में प्रवेश करते ही गंदगी से उठने वाली बदबू से सामान्य लोग भी बीमार हो जायेंगे. वहीं प्रसव गृह के पास तो खड़ा होना भी मुश्किल है.
मरीज के साथ आये परिजन सीढ़ी के पास बने बालकोनी में समय बिताने को मजबूर हैं. एक महीने से साफ- सफाई से व्यवस्था ने मुंह मोड़ लिया है. बरसात के दिनों में वर्षाजनित रोग से ग्रसित मरीज गंदगी के बीच में इलाज कराने को मजबूर हैं. जबकि साफ सफाई के लिए हजारों की राशि रोज खर्च हो रही है.
हर माह आउट सोर्सिग के तहत साफ- सफाई करने वाले एजेंसी को हजारों रुपये प्रतिमाह भुगतान भी किया जाता है. बावजूद गंदगी का आलम अस्पताल को बीमार कर दिया है. वहीं प्रसव के लिए आये महिलाओं को मेनू के अनुसार न तो समय से नाश्ता दिया जाता है और न ही समय पर डॉक्टर द्वारा मरीजों को चेक किया जाता है.
अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की भी पर्याप्त व्यवस्था अस्पताल में नहीं है. एंटी रेबिज कुत्ते काटने की भी सुई नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहती है. जिससे ऐसे मरीज आने से समस्या बनी रहती है.
