फोटो है.चौथम. प्रखंड के तेगाछी गांव में बागमती नदी के कटाव का कहर जारी है. कटाव से बचाव के लिये बाढ़ प्रमंडल के द्वारा किये गये निरोधक कार्य पर कटाव का कहर जारी हो पाया है. कटाव का रुख देखते हुए गांव के लोगों में पुन: विस्थापित होने का खतरा मंडराने लगा है. ज्ञात हो कि बागमती नदी के मुहाने में बसा तेगाछी गांव एक किलो मीटर दूरी तक लगातार तीन बार विस्थापित हो चुके है. गांव के बचाने में बाढ़ प्रमंडल टू के द्वारा हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे है. लेकिन कटाव की लहर से गांव लगातार विस्थापित के दौर में चल रहा है. विगत तीन दशक पूर्व से कटाव के कहर से निजात के बाबत प्रशासन हार लोगों को पुर्नवासित करने के लिये पटेल नगर स्थित 20 एकड़ जमीन अधिग्रहित किया गया. पुर्नवासित परिवार की सूची भी बनायी गयी, लेकिन समस्या को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. ग्रामीणों का मानना है कि जितनी राशि गांव के कटाव से बचाने में खर्च की गयी है. उतनी राशि में गांव को पुर्नवासित किया जा सकता था. लेकिन प्रशासन के उपेक्षित रवैये से समस्या जस का तस बना हुआ है.
तेगाछी गांव में फिर मंडराया कटाव का दहशत
फोटो है.चौथम. प्रखंड के तेगाछी गांव में बागमती नदी के कटाव का कहर जारी है. कटाव से बचाव के लिये बाढ़ प्रमंडल के द्वारा किये गये निरोधक कार्य पर कटाव का कहर जारी हो पाया है. कटाव का रुख देखते हुए गांव के लोगों में पुन: विस्थापित होने का खतरा मंडराने लगा है. ज्ञात हो […]
