कोसी कटाव का त्रसदी देख रहे कटाव पीड़ित कई बार पुनर्वासित होने के बाद भी कोसी के कहर से मुक्त नहीं हो पाये हंै. विदित हो कि संबंधित विभाग के अधिकारी समेत तकनीकी अभियंताओं ने उक्त स्थल का निरीक्षण कर अविलंब कटावरोधी कार्य किये जाने का भरोसा पीड़ितों को दिया था. पर, कटावरोधी कार्यो में अभिरुचि नहीं लेने के कारण पचाठ के मुनी टोला समीप हो रहे कटाव संभावित खतरे को खुले रूप से दस्तक दे रहा है. इस संदर्भ में पंसस दुर्गा सिंह, विनय सिंह, रविंद्र यादव आदि ने बताया कि बार बार कोसी कटाव की ओर वरीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया जाता है, लेकिन कार्रवाई में अधिकारी कोई अभिरुचि नहीं ले रहे हैं.
अतिशीघ्र कटावरोधी कार्य नहीं किया गया, तो पुरानी डीह इतमादी की तरह ही मुनिटोला पचाठ का भूगोल भी पंचायत के नक्शे से गायब हो जायेगा. बीते दो दिनों से लगातार हो रही मॉनसूनी बारिश ने कोसी किनारे रह रहे लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. नीचे कोसी कटाव ऊपर बारिश, ऐसे में पीड़ित परिवार जायें तो जायें कहां, यही चिंता कोसी तटबंधों पर बसे कटाव पीड़ित परिवारों को सता रही है.
