बेलदौर. तमाम सरकारी प्रतिबंधों के बावजूद भी बाल श्रमिकों पर रोक लगाने में प्रशासन सफल नहीं हो पा रहा है. इससे नियोक्ताओं को कम कीमत पर आसानी से बाल मजदूर मिल जाते हैं. खेत खलिहान की बात हो अथवा सड़क से लेकर पुल पुलिया बनाने की बात. इन सभी जगहों पर बाल मजदूरों से खुलेआम काम लिया जा रहा है. इस पर अंकुश लगाने के लिए श्रम विभाग के द्वारा कोई ठोस निगरानी की व्यवस्था नहीं किये जाने से इस पर रोक नहीं लग पा रही है. गरीबी से तबाह ऐसे बाल मजदूर अपने मां-बाप के रजामंदी से काम कर परिवार को चलाने में अपना आर्थिक सहयोग दे रहे हैं. इस वजह से ऐसे श्रमिकों के अभिभावक इस प्रथा का विरोध करने के बजाय चुप्पी साध कर बच्चों के बचपन से खिलवाड़ कर रहे हैं. े
बाल श्रमिकों पर रोक लगाने में प्रशासन असफल
बेलदौर. तमाम सरकारी प्रतिबंधों के बावजूद भी बाल श्रमिकों पर रोक लगाने में प्रशासन सफल नहीं हो पा रहा है. इससे नियोक्ताओं को कम कीमत पर आसानी से बाल मजदूर मिल जाते हैं. खेत खलिहान की बात हो अथवा सड़क से लेकर पुल पुलिया बनाने की बात. इन सभी जगहों पर बाल मजदूरों से खुलेआम […]
