खगडि़या. भक्ति से ही मुक्ति संभव है रविवार को आनंद मार्ग प्रचारक संघ के केंद्रीय प्रशिक्षक आचार्य सत्याश्रयानंद अवधूत ने कहीं.उन्होंने बन्नी स्थित जागृति में चल रहे त्रिदिवसीय योग साधना शिविर में साधकों को संबोधित करते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि भक्ति जागरण के लिए निर्मल मन चाहिए. सेवा से ही मन निर्मल होता है.उन्होंने अग्निपीडि़तों के बीच राहत सामग्री बांटा. साथ ही छह घंटे अखंड नाम संकीर्तन बाबा नाम केवलम अष्टाक्षरी मंत्र का गायन कर साधकों ने वातावरण को मधुमय बना दिया. इस अवसर पर आचार्य हरीयुक्तानंद अवधूत और भक्ति प्रधान वीरेंद्र ने साधकों को जनसेवा करने के लिए प्रेरित किया.
भक्ति से ही मुक्ति संभव : सत्याश्रयानंद
खगडि़या. भक्ति से ही मुक्ति संभव है रविवार को आनंद मार्ग प्रचारक संघ के केंद्रीय प्रशिक्षक आचार्य सत्याश्रयानंद अवधूत ने कहीं.उन्होंने बन्नी स्थित जागृति में चल रहे त्रिदिवसीय योग साधना शिविर में साधकों को संबोधित करते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि भक्ति जागरण के लिए निर्मल मन चाहिए. सेवा से ही मन निर्मल होता है.उन्होंने […]
