यही बाद अंबानी और अडाणी को क्यों नहीं बोलते. नगर सभापति मनोहर कुमार यादव ने कहा कि कुछ लोग यह कहते हैं कि राजनीति उन्हें विरासत में मिली है. वह भी खुले मंच से. ऐसे ही लोग मगरमच्छ और खटमल की तरह आम लोगों के खून को चूस रहे हैं. आरटीआइ सेल के प्रदेश अध्यक्ष अजिताभ सिन्हा ने कहा कि जन संवाद के माध्यम से सांसद पूरे प्रदेश में लोगों को जागृत करने चले हैं. आज बिहार में अस्पताल है तो डॉक्टर नहीं, स्कूल है तो शिक्षक नहीं इन्हीं सवालों को लेकर सांसद बिहार के प्रत्येक जिले में जा रहे हैं. सभा को यूथ कांग्रेस के महासचिव दीपक चंद्रवंशी, युवा शक्ति के जिलाध्यक्ष चंदन सिंह, वार्ड पार्षद शिवराज यादव, मो शहबउद्दीन, पूर्व मुखिया कृष्णा यादव, मुखिया तनवीर हसन, वीरेंद्र कुशवाहा आदि ने भी संबोधित किया.
जनता सिर्फ कहने के लिए है मालिक
खगड़िया: रणखेत के मैदान में आयोजित जन संवाद सभा को संबोधित करते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा कि जो जनप्रतिनिधि अपके वोट की मदद से सत्ता में शामिल होकर लोगों का मक्का लूटते हैं, वे भला आपकी सेवा क्या करेंगे. आज की तारीख में जनता सिर्फ कहने के लिए मालिक रह गयी है. असली […]

खगड़िया: रणखेत के मैदान में आयोजित जन संवाद सभा को संबोधित करते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा कि जो जनप्रतिनिधि अपके वोट की मदद से सत्ता में शामिल होकर लोगों का मक्का लूटते हैं, वे भला आपकी सेवा क्या करेंगे. आज की तारीख में जनता सिर्फ कहने के लिए मालिक रह गयी है. असली मालिक तो अपका वोट लेकर आपका ही खून चूसने में लगे हुए हैं.
चेहरे पर मुस्कान क्यों नहीं है?
सांसद ने कहा कि आजादी के 67 वर्ष बीत चुके हैं. पर, आज भी आज माड़र के अंतिम लोगों के चेहरे पर मुस्कान क्यों नहीं है? उन्होंने स्थानीय एमएलए व एमपी का नाम लिये बगैर उनपर चोट करते हुए कहा कि ये लोग अब वोट के ठेकेदार बन कर ही रह गये हैं. इस देश के तीन सबसे बड़े दुश्मन हैं. पहला डॉक्टर जो इंसानियत का दुश्मन है. दूसरा प्राइवेट स्कूल चलाने वाले, जो समाज के दुश्मन हैं और तीसरी सरकार तो वह इन दोनों को बढ़ावा दे रही है. वह यहां राजनीति करने नहीं आये हैं. जन संवाद का यह मतलब भी नहीं है. मैं जन संवाद के माध्यम से युवाओं को जगाने चला हूं.
समाज को बिगाड़ रही सरकार
किसानों की समस्या पर चर्चा करते हुए कहा कि अभी खगड़िया में खाद की भारी किल्लत थी. उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि बिहार से रिटेलर तीन गुणा ज्यादा दाम पर खाद नेपाल कैसे भेज रहे हैं. शराब से 39 हजार करोड़ प्राप्त हुआ. समाज को सरकार, नहीं तो और कौन बिगाड़ रहा है. पहले बिहार में शराब की 779 दुकानें थीं और अब 5767 दुकानें हैं. इसमें पॉलीथीन की दुकान अलग है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गैस सिलिंडर पर वह कहते हैं, कि जिन्हें सब्सिडी की आवश्यकता नहीं है, वे इसे छोड़ दें.