फोटो है 3 में कैप्सन : जुगाड़ पुल पर चलता वाहन प्रतिनिधि, चौथमकोसी सहित बेलदौर वासियों के लिए आवागमन के लिए सड़क संपर्क का एक मात्र साधन जुगाड़ पुल रह गया है. यह भी स्थायी नहीं है. नदी के जल स्तर पर निर्भर करने वाले जुगाड़ पुल पर भरोसा कहां तक किया जा सकता है. ये तो नदी के बढ़ता जलस्तर ही बता सकता है. आवागमन की समस्या उस समय उत्पन्न हो जायेगी, जब नदी के बढ़ते जल स्तर के कारण आवागमन पर बंद हो जायेगा. नदी के जल स्तर में आयी वृद्धि के बाद लोगों को नाव की सवारी ही एक मात्र साधन रह जायेगा. बगैर प्रशासनिक स्वीकृति से चलाये जा रहे जुगाड़ पुल पर यदि कोई दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किस पर होगी. यह सवालों के घेरे में है. आठ लाख की लागत से बने जुगाड़ पुल पर आर पार जाने के नाम पर अच्छी कमाई हो रही है. पांव पैदल यात्री को छोड़ कर बाइक पार के लिए 10 रुपये, बोलेरो के लिए 300, ट्रैक्टर 300 , ऑटो व मैजिक सवारी गाड़ी के लिए 300 रुपये निर्धारित की गयी है. पैसा वसूली करने वाले ने बताया कि इतने भाड़े में अप एंड डाउन पार उतराई ली जा रही है. पैदल यात्रियों को जुगाड़ पुल पार करने के लिए डेढ किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ती है.
दो पुल बेकार जुगाड़ पुल से हो रहा आवागमन
फोटो है 3 में कैप्सन : जुगाड़ पुल पर चलता वाहन प्रतिनिधि, चौथमकोसी सहित बेलदौर वासियों के लिए आवागमन के लिए सड़क संपर्क का एक मात्र साधन जुगाड़ पुल रह गया है. यह भी स्थायी नहीं है. नदी के जल स्तर पर निर्भर करने वाले जुगाड़ पुल पर भरोसा कहां तक किया जा सकता है. […]
