चौथम. प्रखंड के फर्रे तेलौंछ में सौ वर्ष पुराने चैती दुर्गा मंदिर में सोमवार को मां की पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. पूजा के अवसर पर बच्चों के झूले व कई मनोरंजन की व्यवस्था है. महिलाओं के लिए सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें लगी हैं. तोरण द्वार सहित मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. मेला कमेटी के कृष्णदेव राय ने बताया कि बीते सौ वर्षों पूर्व अलौली दुर्गा के द्वारा पान कराये जाने के उपरांत भगवती को फर्रेह तेलौंछ में स्थापित किया गया था. तब से हर वर्ष यहां मां दुर्गा की पूजा अराधना की जाती है. उल्लेखनीय है कि प्रखंड में सबसे पुराने चैती दुर्गा मेला इसी गांव में लगाया जाता है. मेला कमेटी के अध्यक्ष अभय किशोर आनंद ने बताया कि वैदिक रीति रिवाज से प्रत्येक वर्ष मां की पूजा की जाती है. मेला कमेटी के सचिव एवं उपाध्यक्ष श्रवण यादव, सुनील कुमार ने बताया कि गांव के हिंदू व मुसलिम एकता का प्रतीक स्वरूप यहां मेला लगाते हैं व मां की पूजा-अर्चना करते हैं. मेला के आयोजन में ग्रामीण बासुदेव यादव, राजू साह, शैकत अली, चंद्रदेव रजक, मुखिया अमर कुमार, सरपंच राजेंद्र दास, फुलो देवी, नीलम देवी, हरि किशोर शर्मा सहित समस्त ग्रामीण युवक भूमिका सराहनीय है.
मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
चौथम. प्रखंड के फर्रे तेलौंछ में सौ वर्ष पुराने चैती दुर्गा मंदिर में सोमवार को मां की पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. पूजा के अवसर पर बच्चों के झूले व कई मनोरंजन की व्यवस्था है. महिलाओं के लिए सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें लगी हैं. तोरण द्वार सहित मंदिर को आकर्षक ढंग से […]
