-दो दशक बाद तीन दिनों तक शुभ संयोग-महाशिवरात्रि व्रत करने से चतुर्थ फल की प्राप्ति प्रतिनिधि, खगडि़याफाल्गुन मास कृष्ण चर्तुदशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है. 17 फरवरी को इस बार महाशिवरात्रि महामंगल योग में मनेगा. संसारपुर निवासी पंडित अजय कांत ठाकुर, पिपरा निवासी चंद्रभुषण मिश्र ने बताया कि इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व मंगलवार के दिन श्रवण नक्षत्र में होगा, जिसके स्वामी स्वयं शिव है. महाशिवरात्रि मंगलवार को अति शुभ है. तथा इस दिन महामंगल योग बनती है. दो दशक बाद लगातार तीन दिनों तक शुभ संयोग बन रहा है. जो व्रत पूजा अर्चना एवं दान पुण्य के लिए समृद्धकारी होगा. 16 फरवरी सोमवार को सोम प्रदोष संयोग बनता है, जो फलदायी होता है. 17 फरवरी को महाशिवरात्रि मंगलवार को श्रवण नक्षत्र में होना अति शुभ एवं मंगलकारी है. 18 फरवरी को बुधावती अमावस्या रहेगी जों पुण्य में वृद्धि करने वाली होती है. पंडित गण बताते हैं कि महाशिवरात्रि व्रत करने से चर्तुकी फल -धर्म, अर्थ, कर्म व मोक्ष की प्राप्ति होती है. हजारों अश्वमेध यज्ञ करने का जो फल मिलता है. वह फल महाशिवरात्रि व्रत करने से प्राप्त होता है. इस वर्ष महाशिवरात्रि व्रत करने वाले श्रद्धालुओं की उत्साह काफी देखा जा रहा है. घर घर में इसकी तैयारियां जोरों पर है. वहीं शिवालाओं को सजाने में लोग जुट गये है. महाशिवरात्रि व्रत महिला एवं पुरुष अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने के लिए करती है.
महामंगल योग में मनेगा महाशिवरात्रि
-दो दशक बाद तीन दिनों तक शुभ संयोग-महाशिवरात्रि व्रत करने से चतुर्थ फल की प्राप्ति प्रतिनिधि, खगडि़याफाल्गुन मास कृष्ण चर्तुदशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है. 17 फरवरी को इस बार महाशिवरात्रि महामंगल योग में मनेगा. संसारपुर निवासी पंडित अजय कांत ठाकुर, पिपरा निवासी चंद्रभुषण मिश्र ने बताया कि इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व मंगलवार के […]
