तीन सौ योजनाओं की अनुशंसा, 131 स्वीकृत

खगड़िया: चुनावी वर्ष में विधायक, विधान पार्षदों ने अधिक योजनाओं की अनुशंसा की है. वहीं इस वर्ष इनकी अनुशंसाओं को खूब मंजूरी मिली है. आंकड़े बताते है कि पिछले कुछ वर्षो की तुलना में इस वित्तीय वर्ष लगभग सभी प्रतिनिधियों को अनुशंसाओं को तरजीह देते हुए जिला प्रशासन निर्माण की स्वीकृति दी है. जानकारी के […]

खगड़िया: चुनावी वर्ष में विधायक, विधान पार्षदों ने अधिक योजनाओं की अनुशंसा की है. वहीं इस वर्ष इनकी अनुशंसाओं को खूब मंजूरी मिली है. आंकड़े बताते है कि पिछले कुछ वर्षो की तुलना में इस वित्तीय वर्ष लगभग सभी प्रतिनिधियों को अनुशंसाओं को तरजीह देते हुए जिला प्रशासन निर्माण की स्वीकृति दी है. जानकारी के अनुसार जिले के चारों विधायक सहित तीन विधान पार्षदों ने इस वित्तीय वर्ष तीन सौ योजनाओं की अनुशंसा की है, जिसके विरुद्ध 131 योजनाओं की स्वीकृति दी गयी है. शेष अनुशंसित योजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया धीन है.
अधिक मिली स्वीकृति
अगर आंकड़ों को देखे जाये तो इस वर्ष काफी अधिक अनुशंसित योजनाओं की स्वीकृति दी गयी है. इसके पूर्व तीन वर्ष में यानी वित्तीय वर्ष 11-12 से 13-14 के बीच जहां 206 योजनाओं की ही स्वीकृति दी गयी थी. अगर प्रतिवर्ष औसतन देखा जाये तो एक वर्ष में मात्र 68 योजना की स्वीकृति दी गयी है. वित्तीय वर्ष 14-15 में मात्र 9 माह में ही 131 योजनाओं को स्वीकृति दी गयी है. जो अन्य वर्षो से लगभग दोगुनी है.
अनुशंसा करने में आगे हैं विधायक
सदर विधायक पूनम देवी के इस वर्ष 88 अनुशंसित योजनाओं के विरुद्ध 31 योजनाओं की मंजूरी दी गयी है. इसके पूर्व इन्होंने 157 योजना की अनुशंसा की थी, जिसमें 50 योजना की स्वीकृति दी गयी थी. वहीं अलौली विधायक रामचंद्र सदा ने वित्तीय वर्ष 14-15 में 78 योजनाओं की अनुशंसा की थी, जिसमें 34 योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति मिल गयी है. इसके पूर्व इन्होंने 165 अनुशंसा की थी जिसमें मात्र 60 योजनाओं की ही स्वीकृति दी गयी है. इसी तरह बेलदौर विधायक पन्नलाल सिंह पटेल ने 51 अनुशंसा की थी जिसमें 25 योजनाओं की स्वीकृति दी गयी है. पूर्व में इन्होंने 68 योजनाओं की अनुशंसा की थी जिसमें 26 की स्वीकृति दी गयी थी. परबत्ता विधान सभा के विधान आरएन सिंह ने इस वर्ष 60 योजनाओं की अनुशंसा की है .

जिसमें 37 की स्वीकृति मिली है. जबकि विधान पार्षद सोनेलाल मेहता द्वारा अनुशंसित 59 योजनाओं के विरुद्ध 28 ,सम्राट चौधरी द्वारा अनुशंसित 8 के विरुद्ध 2 तथा रजनीश कुमार के 15 अनुशंसित योजना में 2 योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है. यहां बताते चले कि वर्ष 14-15 में विधायकों / विधान पार्षदों के अनुशंसित योजनाओं की स्वीकृति देने का अधिकार जिला योजना पदाधिकारी को राज्य स्तर से दिया गया है. जबकि पूर्व में यह अधिकार डीडीसी को था.

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