चौथम. हो बाबू हमार छोटू, शिल्पी कहां गेलैय ओकरा लाय द न हो. मां की दर्दनाक चीख ने उपस्थित लोगों के दिल को दहला दिया. गुड्डी को अपने बेटा-बेटी की मौत पर विश्वास नहीं हो रहा था. उसे बस इतना पता था कि दुर्घटना मेंं दोनों घायल हो गये हैं. दोनों को इलाज के लिए बेगूसराय ले जाया गया है. जब एक साथ तीनों बच्चों का शव तुलसी पिंडा के आगे रखा गया. शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया. मां बार-बार अपने बेटे-बेटी के शव से चिपक कर अचेत हो जाती थी. पिता सरोज सिंह बिलखते हुए बस यहीं रट लगा रहे थे कि छोटू हमे बोकारो स्कूल पहुंचाने का जिद दो दिन से कर रहा था. मैं उसे टालता रहा.मैं ही उसके मौत का जिम्मेवार हूं. हो बाबू हमरा की पता कि ऐसन घटना हो जैते. पीपड़ा निवासी सरोज सिंह के परिवार के सभी सदस्य सरहज के साथ पूर्णिया से लौट रहे थे. इस दौरान एनएच 31 पर खारो धार के समीप बोलेरो एक पेड़ से टकरा कर गड्डे में गिर गयी, जिसमें सरोज सिंह के पुत्र व पुत्री तथा शाला के नवजात पुत्र की मौत हो गयी.
मां की दहाड़ से दहला लोगों का हृदय
चौथम. हो बाबू हमार छोटू, शिल्पी कहां गेलैय ओकरा लाय द न हो. मां की दर्दनाक चीख ने उपस्थित लोगों के दिल को दहला दिया. गुड्डी को अपने बेटा-बेटी की मौत पर विश्वास नहीं हो रहा था. उसे बस इतना पता था कि दुर्घटना मेंं दोनों घायल हो गये हैं. दोनों को इलाज के लिए […]
