फोटो है 13 में कैप्सन : पंचायत योजना से बने भवन पर अधिकारियों का कब्जा.प्रखंड मुख्यालय परिसर में बना केंद्र प्रतिनिधि, पसराहाप्रखंड क्षेत्र में जहां दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे खुले आसमान के बीच पढ़ने को मजबूर हैं. वहीं परबत्ता पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 9 में पंचायत की योजना से बने आंगनबाड़ी केंद्र भवन पर खुला बाल विकास परियोजना अधिकारी ने कब्जा जमा रखा है. बताया जाता है कि प्रखंड मुख्यालय परिसर ने तेरहवीं वित आयोग योजना संख्या 01/2011-2012 की प्राकल्लित राशि 4.66 लाख की लागत से पंचायत के वार्ड नंबर नौ में आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कराया गया था. भवन निर्माण कार्य जैसे ही पूर्ण हुआ, वैसे ही सीडीपीओ का कार्यालय उस केंद्र में शिफ्ट कर गया. बच्चों के पठन-पाठन के लिए बनाये गये भवन में बच्चे को कभी भी पढ़ना नसीब नहीं हुआ. यह भवन अब अधिकारियों के उपयोग में आ गया. लोगों का कहना है कि एक तरफ प्रखंड के बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं, तो दूसरी तरफ अधिकारियों को इसकी चिंता तक नहीं है, जबकि अन्य प्रखंडों में बाल विकास परियोजना का कार्यालय कहीं सरकारी भवन में तो कहीं किराये के मकान में संचालित हो रहा है. जब दूसरे जगह पर कार्यालय के लिए किराया दिया जा रहा है, तो यहां भी वह व्यवस्था लागू हो सकती है. लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है. इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है. लोगों ने जिलाधिकारी से भवन को खाली कराये जाने की मांग की है.
आंगनबाड़ी केंद्र भवन में चल रहा सीडीपीओ कार्यकाल
फोटो है 13 में कैप्सन : पंचायत योजना से बने भवन पर अधिकारियों का कब्जा.प्रखंड मुख्यालय परिसर में बना केंद्र प्रतिनिधि, पसराहाप्रखंड क्षेत्र में जहां दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे खुले आसमान के बीच पढ़ने को मजबूर हैं. वहीं परबत्ता पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 9 में पंचायत की योजना से बने आंगनबाड़ी केंद्र भवन पर […]
