-अंतरजातीय विवाह करने के बाद भी सरकार नहीं देती शवासी -योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन कर रखा है-इसके बावजूद संबंधित संचिका जांच के नाम पर कभी प्रखंड, तो कभी बाल संरक्षण इकाई के पास भेजी जा रही है-अटका पड़ा है प्रोत्साहन राशि का भुगतानप्रतिनिधि, खगडि़या अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है, लेकिन ये योजनाएं धरातल पर खड़े उतरेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है. कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है जिले के बाल संरक्षण इकाई में. सरकार की मार्गदर्शिका को ताक पर रख कर काम करने के अधिकारी के निराले अंदाज के कारण दर्जनों लोगों अंतरजातीय विवाह करने के बाद भी सरकार द्वारा दी जाने प्रोत्साहन राशि से वंचित हैं. ऐसा ही वाकया सदर प्रखंड के राजेंद्र नगर से भी सामने आया है. 14 मार्च 2012 को राजेंद्र नगर के रहने वाले सन्नी कुमार उर्फ सन्नी हिमवान ने प्रशासन के सहयोग से अंतर जातीय विवाह किया. इसके बाद सितंबर माह में उन्होंने इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया. तब से लेकर आज तक उनकी संचिका जांच के नाम पर कभी प्रखंड तो कभी बाल संरक्षण इकाई के पास भेजी जा रही है, लेकिन उन्हें प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हो पाया. अंत में उन्होंने जिलाधिकारी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.
नाम की योजना, नहीं मिल रहा लाभ
-अंतरजातीय विवाह करने के बाद भी सरकार नहीं देती शवासी -योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन कर रखा है-इसके बावजूद संबंधित संचिका जांच के नाम पर कभी प्रखंड, तो कभी बाल संरक्षण इकाई के पास भेजी जा रही है-अटका पड़ा है प्रोत्साहन राशि का भुगतानप्रतिनिधि, खगडि़या अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए राज्य […]
