प्रतिनिधि, खगडि़याचिकित्सक विवेकानंद चौधरी के मृतक ड्राइवर की पत्नी उत्तम देवी विलाप करते-करते बेहोश हो जा रही थी. जब उन्हें होश आता है तो एक ही बात उनके मुंह से निकल कर आती है कि केना होतै हमरा बेटी के ब्याह. केना रखबै अपना साथ छोट- छोट बच्चा के. इतना कहते ही वे पुन: बेहोश हो जा रही थी. उनकी चीत्कार से मौके पर उपस्थित लोगों के रूह कांप रहे थे. वहां मौजूद लोग यही बोल रहे थे कि भगवान ऐसा किसी के साथ न करें. जानकारी के अनुसार मृतक उमेश पांच भाई हैं. सभी भाई अलग-अलग रह कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. इसी तरह मृतक उमेश भी मृतक चिकित्सक चौधरी के यहां मजदूरी कर अपने परिवार को चलाते थे. मृतक उमेश अपनी बड़ी बेटी सरस्वती कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, रिया कुमार एवं बादल कुमार का पालन-पोषण करते थे. मृतक के चचेरे भाई विकास पासवान ने बताया कि मृतक को सिर्फ रहने का घर है. इसके अलावा उनके पास कुछ नहीं है. उनके सभी बच्चे छोटे-छोटे हैं. ऐसे में कौन उनके परिवार का लालन-पालन करेगा. मौके पर ही सभी मृतकों के परिजनों को कबीर अंत्येष्टि योजना की राशि का भुगतान कर दिया गया.
केना होतै हमरा बेटी के ब्याह, केना रखबै छोट-छोट बच्चा के...
प्रतिनिधि, खगडि़याचिकित्सक विवेकानंद चौधरी के मृतक ड्राइवर की पत्नी उत्तम देवी विलाप करते-करते बेहोश हो जा रही थी. जब उन्हें होश आता है तो एक ही बात उनके मुंह से निकल कर आती है कि केना होतै हमरा बेटी के ब्याह. केना रखबै अपना साथ छोट- छोट बच्चा के. इतना कहते ही वे पुन: बेहोश […]
