सात दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण शुरू

फोटो है 15 मेंकैप्सन- प्रशिक्षण देते प्रशिक्षक प्रतिनिधि, खगडि़यास्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र के प्रांगण में गुरुवार को राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड द्वारा प्रायोजित मधुमक्खी पालन पर सात दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया. प्रशिक्षण में खगडि़या एवं बेगूसराय जिले के तीस किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक डॉ ब्रजेंदु कुमार ने […]

फोटो है 15 मेंकैप्सन- प्रशिक्षण देते प्रशिक्षक प्रतिनिधि, खगडि़यास्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र के प्रांगण में गुरुवार को राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड द्वारा प्रायोजित मधुमक्खी पालन पर सात दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया. प्रशिक्षण में खगडि़या एवं बेगूसराय जिले के तीस किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक डॉ ब्रजेंदु कुमार ने किया. उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान कम लागत में मधुमक्खी पालन शुरू कर बहुत जल्द अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं. इस व्यवसाय द्वारा स्वरोजगार के साथ-साथ दूसरों के लिए रोजगार का भी सृजन किया जा सकता है. इस क्षेत्र में मधुमक्खी पालन की असीम संभावना का भी जिक्र उन्होंने किया. मौके पर मुख्य प्रशिक्षक बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर, भागलपुर के कीट विज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक व राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड के सदस्य डॉ रामाश्रित सिंह ने प्रशिक्षण दिया. प्रशिक्षणार्थियों को मधुमक्खी पालन के सभी गुर सिखाये जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि यहां तीन दिन के प्रशिक्षण के उपरांत इन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय पूसा भेजा जायेगा. साथ ही एक दिन का इन्हें प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया जायेगा. डॉ सिंह ने बताया कि मधुमक्खी पालन की शुरुआत हमेशा 3-5 परिवार से ही करना चाहिए ताकि मधुमक्खी पालक को धीरे-धीरे इनके स्वभाव आवश्यकता एवं प्रबंधन की व्यवहारिक जानकारी होगी. मौके पर केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ अनिता कुमारी ने शहद के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >