संघर्ष का किया शंखनाददोषी पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांगपरबत्ता. प्रखंड मुख्यालय स्थित उच्च विद्यालय कन्हैयाचक परबत्ता के मैदान में गुरुवार को शिक्षक नियोजन 2012 के चयनित किंतु चयन सूची से बाहर शिक्षकों की एक बैठक आयोजित की गयी. बैठक में इन शिक्षकों ने नियोजन इकाई द्वारा विगत एक वर्ष से वेतन नहीं देने तथा चयन सूची से बाहर होने के कारण संभावित कार्रवाई के मद्देनजर विचार विमर्श किया गया. बैठक में शिक्षकों ने कहा कि नियोजन इकाई द्वारा दोहरा मापदंड अपना कर कुछ शिक्षकों के नियोजन की त्रुटियां को दूर करने के लिए विशेष बैठक बुलायी गयी. जबकि शेष 17 शिक्षकों पर कोई निर्णय नहीं दे री है. इन 17 शिक्षकों को भी वैध तरीके से नियुक्ति पत्र भेज कर बहाल किया गया था. इसके अलावा सेवा संपुष्टि पत्र भी भेजा गया था. इतने के बावजूद बिना शिक्षकों का पक्ष सुने वेतन रोकना प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है. वर्तमान में चल रही नियुक्ति प्रक्रिया में इन शिक्षकों को आवेदन करने का भी अधिकार नहीं है. विद्यालय में सेवा लेकर वेतन नहीं देने से नियोजन इकाई इन शिक्षकों के अधिकार का हनन कर रही है. इसके अलावा नियोजन इकाई के जिन पदाधिकारियों कर्मियों द्वारा इन 17 शिक्षकों के नियोजन में त्रुटियां छोड़ी गयी है. उन पर कार्रवाई न करके प्रशासन शिक्षकों को ही प्रताडि़त करने में लगी हुई है. इस मामले पर प्रखंड तथा जिला प्रशासन की चुप्पी ही सब कुछ बयान करती है कि किस प्रकार कुछ भ्रष्ट लोगों को बेनकाब होने से बचाने के लिए 17 शिक्षकों की बली लिए जाने का प्रयास हो रहा है. यह मामला अंतत: न्यायालय जायेगा. लेकिन नियोजन इकाई चयन मुक्त नहीं करके शिक्षकों का यह अधिकार भी छीनने पर तुली हुई है.
17 नियोजित शिक्षकों ने की बैठक
संघर्ष का किया शंखनाददोषी पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांगपरबत्ता. प्रखंड मुख्यालय स्थित उच्च विद्यालय कन्हैयाचक परबत्ता के मैदान में गुरुवार को शिक्षक नियोजन 2012 के चयनित किंतु चयन सूची से बाहर शिक्षकों की एक बैठक आयोजित की गयी. बैठक में इन शिक्षकों ने नियोजन इकाई द्वारा विगत एक वर्ष से वेतन नहीं देने तथा […]
