यहां दुकानदार व ग्राहक दोनों की रहती है हथेली पर जान

फोटो है 9,10,11, 12 मेंकैप्सन- स्थानीय खगडि़या स्टेशन के समीप पूर्वी भाग में लोग जान हथेली पर रख कर व्यापार कर रहे हैं. कभी भी कोई अप्रिय घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता है. धमारा में हुई रेल हादसा के बावजूद भी लोगों ने अब तक सीख नहीं लिया है. रेलवे ट्रेक पर […]

फोटो है 9,10,11, 12 मेंकैप्सन- स्थानीय खगडि़या स्टेशन के समीप पूर्वी भाग में लोग जान हथेली पर रख कर व्यापार कर रहे हैं. कभी भी कोई अप्रिय घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता है. धमारा में हुई रेल हादसा के बावजूद भी लोगों ने अब तक सीख नहीं लिया है. रेलवे ट्रेक पर सब्जी तथा कपड़े की दुकान लगा कर लोग व्यापार कर रहे हैं. खरीदार से थोड़ी भी चुक हुई तो उनकी जान जा सकती है. इस ओर रेल प्रशासन ध्यान नहीं दे रही है. ज्ञात हो कि एक वर्ष पूर्व राजरानी एक्सप्रेस से धमारा स्टेशन पर 28 लोगों की कट कर मौत हो गयी थी. इसके बावजूद भी लोगों ने सबक नहीं लिया है. छोटी-मोटी घटनाएं तो समस्तीपुर-सहरसा रेलखंड के बीच होती ही रहती है. पुलिस प्रशासन व रेल प्रशासन द्वारा इसे आज भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है. मेमो काट कर एक खानापूर्ति कर दी जाती है.

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