फोटो है 8 में कैप्सन : रेफरल अस्पताल का दृश्य जगह-जगह है गंदगी का अंबारप्रतिनिधि, गोगरीनगर पंचायत के बाद स्वच्छता की बात अगर अस्पतालों की करें तो अनुमंडल मुख्यालय स्थित रेफरल अस्पताल भी स्वच्छता के प्रति लापरवाह है. इसे देख कर स्वच्छता अभियान के साथ विभागीय लापरवाही की पोल खुलता प्रतीत होता है. अस्पताल के अंदर व बाहर सर्वत्र गंदगी आपको मिल ही जायेगी.क्या है अस्पताल में स्वच्छता का हालरेफरल अस्पताल में अगर बात स्वच्छता व सफाई की करें तो अस्पताल के गेट के पास पहुचते ही गेट व आसपास गंदगी व उड़ते हुए धूल के साथ पॉलिथीन नजर आ जायेगी. उसके बाद गेट के अंदर प्रवेश करने पर वर्तमान में पुराने भवन में जहां आउटडोर चलाया जा रहा है. वहां भवन के बगल व पीछे गंदगी दिखायी देगी. उसके बाद रेफरल अस्पताल के भवन के वार्ड व शौचालय के पास जहां-तहां गंदगी का अंबार लगा नजर आता है. और शौचालय की स्थिति देख मन खिन्न हो जाता है. वहीं अस्पताल वार्ड के बगल में जंगल झाड़ उग आये हैं. जिसे देखने वाला भी कोई नहीं है. अब अस्पताल भवन के अंदर जाएं तो वार्ड में किसी बेड पर चादर नहीं दिखेंगे. कचड़े तो नहीं पर धूल अवश्य दिख जायेगी. वहीं पूर्व के प्रसव कक्ष के पास भी गंदगी नजर आएगी. क्या कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारीरेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई का ख्याल रखा जाता है. अस्पताल के अंदर रोज दो से तीन बार या ज्यादा भी सफाई होती है. अस्पताल के बाहर समय-समय पर सफाई होती है. अस्पताल का कचड़ा वाहन वाले ले जाते हैं. हां बाहर में अगर गंदगी है तो यह नपं के अधीन है.
स्वच्छता के प्रति रेफरल अस्पताल लापरवाह
फोटो है 8 में कैप्सन : रेफरल अस्पताल का दृश्य जगह-जगह है गंदगी का अंबारप्रतिनिधि, गोगरीनगर पंचायत के बाद स्वच्छता की बात अगर अस्पतालों की करें तो अनुमंडल मुख्यालय स्थित रेफरल अस्पताल भी स्वच्छता के प्रति लापरवाह है. इसे देख कर स्वच्छता अभियान के साथ विभागीय लापरवाही की पोल खुलता प्रतीत होता है. अस्पताल के […]
