मकर संक्रांति को लेकर बाजार में बढ़ी तिलकुट की मांग

फोटो है 12 में कैप्सन : गरम हुआ तिलकुट का बाजार प्रतिनिधि, खगडि़यामकर संक्रांति को लेकर बाजार में तिलकुट की मांग बढ़ने लगी है. शहर में तिलकुट के दर्जनों दुकान खुल गये हैं. उल्लेखनीय है कि मकर संक्रंाति को लेकर तिलकुट व्यवसायी महीनों पहले से ही तिलकुट बनाने की तैयारी में जुट जाते हैं, जिससे […]

फोटो है 12 में कैप्सन : गरम हुआ तिलकुट का बाजार प्रतिनिधि, खगडि़यामकर संक्रांति को लेकर बाजार में तिलकुट की मांग बढ़ने लगी है. शहर में तिलकुट के दर्जनों दुकान खुल गये हैं. उल्लेखनीय है कि मकर संक्रंाति को लेकर तिलकुट व्यवसायी महीनों पहले से ही तिलकुट बनाने की तैयारी में जुट जाते हैं, जिससे की मकर संक्रांति के दिन होनेवाले डिमांड को पूरा कर सके. स्थानीय दुकानदार शंभु कुमार, संजय गुप्ता आदि ने बताया कि तिलकुट व्यवसाय महज एक से दो महीने का ही है. मकर संक्रांति के डेढ़ से दो महीने पहले से ही इसकी तैयारी में जुट जाते हैं. और मकर संक्रांति आने तक अच्छी खासी कमाई भी हो जाती है. उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है कि लोग मकर सक्रांति के दिन ही तिलकुट की मांग करते हैं. तिलकुट की मांग तिलकुट बनने के साथ ही शुरू हो जाती है. उन्होंने बताया कि अपने सगे संबंधी जाने वाले लोग भी अक्सर इस मौसम में तिलकुट ही लेकर जाते हैं. वहीं उन्होंने बताया कि तिल भी काफी महंगा हो गया है. जिससे तिलकुट भी महंगा करके ही बेचना पर रहा है. उन्होंने बताया कि बाजार में 150-400 रुपये प्रतिकिलो दर पर तिलकुट उपलब्ध है. गरीब से लेकर अमीर वर्ग के लोगों के लिए प्रत्येक वैरायटी की तिलकुट बनाये गये हैं. वहीं उन्होंने बताया कि थोड़े से मौसम परिवर्तन होते ही गरमी के मौसम में इसे संभाल कर रखना काफी मुश्किल हो जाता है. इसलिए यह व्यवसाय महज एक से दो महीने तक ही ठीक से चल पाता है. फिर इसके बाद दूसरे व्यवसाय में जुट जाते हैं.

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