खगडि़या. नये साल में भी नवनिर्मित सौ शय्या वाला अस्पताल भवन चालू नहीं हो पाया है. इस कारण लोगों को सदर अस्पताल में मिलने वाली अत्याधुनिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही है. जिले के अंदर सभी राजनीतिक विभिन्न मुद्दों को लेकर अनशन, धरना-प्रदर्शन करते हैं. लेकिन आज तक राजनीतिक दलों के द्वारा सौ शय्या अस्पताल को खुलवाने के लिए कोई धरना प्रदर्शन नहीं किया गया है. वर्ष 2014 के मार्च से 31 दिसंबर के बीच कई बार अस्पताल की खुलने की बात सामने आयी और गयी लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. सौ शय्या अस्पताल की खिड़की का शीशा भी टूट कर बिखर रहा है. जगह-जगह रंग रोगन उड़ रहे हैं. अब यह अस्पताल पुन: मरम्मत के कगार पर पहुंच गया है, लेकिन जिले के अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है.
नहीं चालू हो पाया सौ शय्या वाला अस्पताल भवन
खगडि़या. नये साल में भी नवनिर्मित सौ शय्या वाला अस्पताल भवन चालू नहीं हो पाया है. इस कारण लोगों को सदर अस्पताल में मिलने वाली अत्याधुनिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही है. जिले के अंदर सभी राजनीतिक विभिन्न मुद्दों को लेकर अनशन, धरना-प्रदर्शन करते हैं. लेकिन आज तक राजनीतिक दलों के द्वारा सौ शय्या अस्पताल […]
