गोगरी : रेफरल अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ जारी है. स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक परिवार नियोजन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं. सरकारी नियमों की मानें तो एक दिन में चिकित्सक अधिक से अधिक 10 का बंध्याकरण या नसबंदी कर सकते हैं. लेकिन परिवार नियोजन में लगातार पीछे चल रहे जिले के चिकित्सक नियमों को नहीं मान रहे हैं.
गोगरी रेफरल अस्पताल में टारगेट पूरा करने के लिए मरीज की जान से खिलवाड़, बेड की बजाय जमीन पर सो रहे मरीज
गोगरी : रेफरल अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ जारी है. स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक परिवार नियोजन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं. सरकारी नियमों की मानें तो एक दिन में चिकित्सक अधिक से अधिक 10 का बंध्याकरण या नसबंदी कर सकते हैं. लेकिन […]

अपना लक्ष्य टारगेट को पूरा करने के लिए ऑपरेशन : के बाद मरीज को जमीन पर लिटा कर स्वास्थ्य सुविधाओं को धत्ता बताते हुए नियमों से खिलवाड़ किया जा रहा है. स्थानीय पीएचसी में बंध्याकरण के बाद बेड के अभाव में मरीजों को जमीन पर ही सोने के लिए विवश होना पड़ता है. जिससे ऑपरेशन कराये मरीजों को संक्रमण का खतरा बना रहता है. मरीज के परिजन द्वारा इस व्यवस्था पर विरोध जताने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है.
अस्पताल कर्मियों की मानें तो यहां सप्ताह में करीब दो बार तरकीबन 20 से 25 महिलाओं का बंध्याकरण किया जाता है.
लेकिन हर बार महिलाओं को बेड के अभाव में ऑपरेशन के बाद जमीन पर ही लिटाया जाता है. इसके लिए कई बार प्रभारी चिकित्सा प्रभारी व अस्पताल प्रबंधक से बेड की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया, लेकिन उसपर अमल अबतक नहीं किया जा सका है. जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. आये दिन कर्मियों को मरीजों के परिजन का कोपभाजन बनना पड़ रहा है.
22 महिलाओं का हुआ ऑपरेशन : मंगलवार को रेफरल अस्पताल गोगरी में 22 महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया. मरीजों को सरकारी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गई. ठंड का मौसम होने के बाद भी मरीजों को फर्श पर रात गुजारने के लिये कंबल भी नहीं दिया गया. कुछ मरीजों को बेड सीट मिली तो कुछ को नहीं. रजाई सहितबिछावन की व्यवस्था मरीजों को खुद करनी पड़ी.
परिजनों में देखी जा रही नाराजगी
रेफरल अस्पताल गोगरी में परिवार नियोजन के हो रहे ऑपरेशन में बदइंतजामी का माहौल हैरान कर देने वाला है.अस्पताल में ऑपरेशन कराने के बाद दर्जन भर महिलाओं को हांड़ कंपाने वाली ठंड के बीच बेड पर सुलाने के बजाय अस्पताल की जमीन पर ही सोना पड़ रहा है़. अस्पताल प्रशासन की इस लापरवाही से ठंड लगने और संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है. इस वजह से महिलाओं सहित उनके परिजनों में नाराजगी देखी जा रही है.
कहते हैं प्रभारी
अस्पताल में बेड का घोर अभाव है इसको लेकर कई बार सिविल सर्जन और वरीय पदाधिकारी को पत्र लिखा गया है.मरीज को ऑपरेशन के बाद नियमित दवाई सूई दिया जाता है.
डॉ चंद्रप्रकाश, रेफरल अस्पताल गोगरी.
30 बेड का है अस्पताल
बताते चलें की गोगरी का रेफरल अस्पताल 30 शैय्या का हॉस्पिटल है. जहां बेड की भी समुचित व्यवस्था नहीं है जिससे मरीज को काफी परेशानी होती है.
ऑपरेशन के बाद सुबह बिना चाय नास्ता के ही सभी को विदा कर दिया गया. कई मरीज और उसके परिजन नें बताया कि अस्पताल में कोई भी व्यवस्था नाम की चीज नहीं है. यहां सब कुछ उपर वाले के भरोसे चलता है.ठंड में भी मरीजों को फर्श पर सुला कर छोड़ दिया जाता है. जहां चिकित्सक से लेकर आम मरीज इधर से होकर ही गुजरते हैं.