जांच व मॉनीटरिंग से सुधरेगी व्यवस्था : एडीए
खगड़िया : इस मामले में डीईओ के रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए लोक शिकायत एडीएम ने कहा है कि निजी विद्यालयों की नियमित जांच व मॉनेटरिंग से ही यहां की व्यवस्था भी सुधरेगी और बच्चों को वाजिब हक भी मिलेगा. इन्होंने कहा है कि विद्यालयों की जांच कराने की जगह सिर्फ विद्यालय संचालक को निर्देश दे रहें हैं. इस व्यवस्था पर एतराज जताते हुए सुनवाई अधिकारी ने विद्यालयों की जांच कराने तथा एक माह में रिपोर्ट देने का आदेश जारी किया है. बताया जाता है कि इस मामले की सुनवाई करते हुए लोक शिकायत एडीएम श्री सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि डीईओ नोडल पदाधिकारी हैं. शिक्षा के अधिकार अधिनियम की शर्तो को धरातल पर लागू कराना उनका दायित्व है. जबकि वे(डीइओ)विद्यालयों को व्यवस्था सुधारने एवं बच्चों के नामांकन को सिर्फ आदेश दे रहें है.
इन्होंने कहा है कि निर्देश की जगह डीईओ को विद्यालयों की व्यवस्था दुरुस्त करने सहित अधिनियम को लागू कराने के लिए विस्तृत रूप रेखा तैयार कर अपने अधीनस्थ पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपनी चाहिये, तभी विद्यालयों की सतत जांच व व्यवस्था पर निगरानी संभव है. सुनवाई पदाधिकारी ने यह भी कहा है कि लोक प्राधिकार के द्वारा एक भी विद्यालय का जांच रिपोर्ट नहीं सौंपा गया है. उनके प्रतिवेदन के आधार पर सहज इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि विद्यालय की जांच को लेकर विभागीय अधिकारी सजग नहीं हैं. इनके द्वारा सिर्फ कागजी औपचारिकता पूरा किया जा रहा है जो बेहद आपत्तिजनक है.
