कटिहार सदर अस्पताल में बुधवार की देर रात जहर खाये एक युवक की इलाज के दौरान मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने सदर अस्पताल में जमकर उत्पात मचाया. परिजनों ने न सिर्फ अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ हाथापाई की बल्कि ओटी असिस्टेंट की भी पिटाई कर अस्पताल परिसर में खड़े एंबुलेंस में तोड़फोड़ की. सहायक थाना क्षेत्र के बरमसिया निवासी एक युवक ने घर में किसी बात को लेकर विवाद के बाद जहर की दवा खा ली. हालत बिगड़ी तो परिवार वालों ने सदर अस्पताल में भर्ती कराया. इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ अमरेंद्र कुमार ने इलाज शुरू कर दिया. इस दौरान मरीज बार-बार बेड से उठकर भाग रहा था, इससे इलाज में दिक्कत आ रही थी. इससे बाद मरीज की हालत और बिगड़ती गयी. इसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गयी. मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गये और और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ हाथापाई की. यहां तक की वास करने वाले ओटी असिस्टेंट जयप्रकाश के साथ भी मारपीट की. आक्रोशित परिजन यहां भी नहीं रुके. सदर अस्पताल परिसर में खड़े 102 एंबुलेंस के तीन वाहन के शीशे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. एंबुलेंस चालक अमर सिंह ने बताया कि बुधवार रात 12:00 बजे के आसपास एक मरीज जो प्वाइजन खा लिया था. उसके इलाज के लिए परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया. जहां अस्पताल के डॉक्टर और कर्मियों ने उनका भरपूर इलाज करना चाहा. लेकिन वह अपना इलाज नहीं कराया. परिजन उल्टे आक्रोशित हो उठे और बाहर लगे एम्बुलेंस के शीशे को ईट मार कर क्षतिग्रस्त कर दिया. परिजनों का आरोप इलाज होता तो बच जाती युवक की जान परिजनों का आरोप है कि सदर अस्पताल में जहर खाने के बाद तुरंत युवक को भरती कराया गया था. अस्पताल में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों ने इलाज में लापरवाही की. जिसके कारण उसकी मौत हुई है. परिजनों ने मामले की जांच कर चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है.
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