'विश्व स्कार्फ दिवस' पर भारत स्काउट एवं गाइड ने आयोजित किया विशेष कार्यक्रम, स्कार्फ को बताया सेवा और अनुशासन का प्रतीक

विश्व स्कार्फ दिवस के अवसर पर कटिहार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पर स्काउट स्कार्फ को सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया गया. यह कार्यक्रम स्काउटिंग के मूल्यों पर केंद्रित रहा.

विश्व स्कार्फ दिवस (World Scarf Day) के अवसर पर कटिहार में एटास यूनिट और बिहार राज्य भारत स्काउट एवं गाइड के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर वक्ताओं ने स्काउट स्कार्फ की गरिमा, उसके महत्व और स्काउटिंग के मूल सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की.

स्कार्फ हमें सेवा और नेतृत्व की देता है प्रेरणा: राजेश कुमार वर्मा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कोऑर्डिनेटर राजेश कुमार वर्मा ने कहा:

"स्काउट स्कार्फ केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है. इसे धारण करना प्रत्येक स्काउट और गाइड के लिए अत्यंत गर्व और जिम्मेदारी का विषय है."

स्काउट प्रतिज्ञा और मानवता का संदेश

कार्यक्रम में मौजूद अन्य वरिष्ठ वक्ताओं ने भी स्काउटिंग के मूल्यों को जीवन में उतारने पर बल दिया:

  • जिला संगठन आयुक्त (रामबाबू): उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्कार्फ हमें स्काउट प्रतिज्ञा का पालन करने, निष्काम भाव से मानवता की सेवा करने और सदैव जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहने की प्रेरणा देता है.
  • डॉ. कुमार अमरेश: उन्होंने कहा कि विश्व स्कार्फ दिवस हमें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और निस्वार्थ सेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है.

संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन

समारोह का समापन स्काउटिंग के उच्च आदर्शों, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए किया गया. इस अवसर पर एटास यूनिट कटिहार और भारत स्काउट एवं गाइड के प्रतिनिधि स्कार्फ पहनकर मौजूद रहे.


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लेखक के बारे में

By सूरज कुमार गुप्ता

सूरज कुमार गुप्ता पिछले 25 वर्षों से प्रिंट मीडिया में एक्टिव है. वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत की. राजनीतिक व सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर पत्रकारिता करना इनकी रुचि में शामिल है. सामाजिक कार्यो में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2007 में इन्हें भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया था.

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