बारसोई में एमडीएम में गड़बड़ी पर भड़के ग्रामीण, दूसरे दिन बच्चों ने लौटाया खाना

बारसोई में एमडीएम में गड़बड़ी पर भड़के ग्रामीण, दूसरे दिन बच्चों ने लौटाया खाना

– एनजीओ कर्मी को बैरंग लौटना पड़ा, अभिभावकों ने की जांच व कार्रवाई की मांग बारसोई बारसोई प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मालापाड़ा में मिड डे मील व्यवस्था पूरी तरह विवादों में घिर गई है. शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन बच्चों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा. भोजन लेकर पहुंचे एनजीओ कर्मी को ग्रामीणों ने घेर लिया और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए खाना लेने से साफ इनकार कर दिया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कर्मी को बिना भोजन उतारे ही बैरंग लौटना पड़ा. ग्रामीणों व अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में लगातार घटिया, बदबूदार एवं गुणवत्ता विहीन भोजन परोसा जा रहा है. वे लगातार खाना लौटाने को मजबूर हैं. लोगों ने कहा, एक दिन पूर्व भी इसी मुद्दे को लेकर विद्यालय में हंगामा हुआ था. व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ. जिम्मेदार एजेंसी और विभाग मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. नया मोड़ तब आया जब विद्यालय के रसोइयों ने भी गंभीर आरोप लगाया. कहा, यदि वे इस भोजन को लेने या परोसने से इनकार करते हैं, तो एनजीओ कर्मी काम से हटाने की धमकी देते हैं. प्रधानाध्यापक अजय कुमार राय पर वास्तविक से अधिक छात्रों की उपस्थिति दिखाने का दबाव बनाये जाने की बात भी सामने आई. बड़ी संख्या में अभिभावक मौके पर जुट गये और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की. बीईओ मुमताज अहमद ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बच्चे मिड डे मील खाने से इनकार कर रहे हैं. प्रखंड साधन सेवी से स्पष्टीकरण मांगा है और जवाब मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जायेगी. अब सवाल यह है कि जब लगातार दो दिनों से बच्चे भूखे लौट रहे हैं, तो जिम्मेदार तंत्र कब जागेगा. मालापाड़ा की यह घटना न सिर्फ मिड डे मील योजना की जमीनी हकीकत उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि निगरानी और जवाबदेही की कमी किस तरह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.

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By RAJKISHOR K

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