कदवा प्रखंड के चौकी से मिर्जादपुर होते हुए तैयबपुर जाने वाली सड़क पर छिलाधार में बन रहे पुल व उसके एप्रोच निर्माण कार्य में आनियमितता सामने आयी है. बाढ़ प्रभावित इस इलाके में जहां लोगों को सुरक्षित आवागमन के लिए इस पुल का इंतजार में थे. वहीं अब निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और संवेदक की दबंगई का मामला सामने आया है. लोगों का आरोप है संवेदक और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से पुल निर्माण में घोर अनियमितता बरती गयी है. इतना ही नहीं अब एप्रोच निर्माण कार्य में भी खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है. लेकिन जिम्मेदार अधिकारी जान बूझकर अनजान बने बैठे हैं. ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यह पुल वर्ष 2021 से 2022 में ही बनकर तैयार हो जाना चाहिए था. संवेदक की मनमानी व लापरवाही के कारण आज तक एप्रोच निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है. लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों ने निर्माण कार्य में हो रही अनियमितताओं का विरोध किया तो संवेदक की ओर से उन्हें रंगदारी मांगने के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जाने लगी. ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. विरोध में जदयू नेता अंजार आलम, अब्दुल मोमित, तौसीफ आलम, तनवीर आलम, जियाउल आलम, बाबुल आलम, मुर्शिद आलम, निसार आलम, जहांगीर आलम, चिराग आलम समेत दर्जनों लोग शामिल हुए. ग्रामीणों ने उक्त मामले को लेकर उच्चस्तरीय जांच कर संवेदक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त करवाई करने का मांग किया है.
एप्रोच पथ निर्माण की मांग को ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

एप्रोच पथ निर्माण की मांग को ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Copied link
एप्रोच पथ निर्माण की मांग को ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन