– भू-स्वामी ने बैरिकेटिंग लगाकर जताया विरोध आजमनगर प्रखंड स्थित रोहिया घाट पर सुबह से ही आवागमन पूरी तरह बाधित रहा. आजमनगर पंचायत के उप मुखिया प्रतिनिधि मंसूर आलम ने घाट को बांस-बल्ले से बेरिकेटिंग कर बंद कर दिया. इससे सैकड़ों लोग परेशान रहे. खासकर उन लोगों को काफी कठिनाई हुई जो नाव से नदी पार कर प्रखंड मुख्यालय आते एवं आजमनगर से दियारा क्षेत्र में खेती के लिए जाते हैं. नाव सेवा ठप होने से कई लोग घाट से वापस लौट गये. आरोप है कि आजमनगर रोहिया सैरात का डाक करीब एक माह पहले पंचायत के मुखिया डॉ भरत कुमार राय और पंचायत सचिव प्रभात कुमार ने अनुचित तरीके से किया था. इसका विरोध मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मंत्री बलराम मंडल ने किया था. विरोध के बाद पंचायत सचिव ने डाक को रद्द कर दिया था. लेकिन उसके बाद से आज तक घाट का डाक वैध प्रक्रिया से नहीं किया गया है. स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. अब भू-स्वामी ने घाट की जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए घाट को पूरी तरह बंद कर दिया है. उनका कहना है जब तक घाट का संचालन पारदर्शी तरीके से नहीं होगा और उन्हें भूमि की क्षति के लिए मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक वे घाट चालू नहीं होने देंगे. कारण महानंदा नदी के पश्चिमी छोर पर स्थित लगभग पांच पंचायतों के हजारों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. चूंकि नाव ही इन क्षेत्रों के लिए मुख्य आवागमन का जरिया है. इसके बंद हो जाने से लोगों को 25 से 30 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर प्रखंड मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है. खबर लिखे जाने तक स्थानीय प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है. लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करेगा और घाट से आवागमन पुनः सुचारु रूप से बहाल किया जायेगा.
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