डंडखोरा बिहार शिक्षा परियोजना की ओर से संचालित ट्विनिंग ऑफ स्कूल कार्यक्रम के तहत उत्क्रमित उच्च विद्यालय दुर्गास्थान, टिकैली और नेपड़ा के छात्र-छात्राओं का दल अपने शिक्षकों के नेतृत्त्व में सोमवार को सदानंद उच्च विद्यालय डुमरिया पहुंचे. जहा बच्चों ने कम्प्यूटर लैब, आइसीटी लैब, पुस्तकालय, कला कक्ष और विज्ञान प्रयोगशाला का बारी बारी से भ्रमण कर उसमें उपलब्ध सामग्रियों को लेकर अपने शिक्षकों एवं कक्ष प्रभारी शिक्षकों से पूछताछ किया. वहीं छात्राओं ने सहेली कक्ष का भ्रमण कर अपने शिक्षिकाओं से कक्ष की महत्ता और उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी हासिल की. बच्चे काफी जिज्ञासु होकर जानकारी प्राप्त करते देखे गये. भ्रमण के क्रम में बच्चों ने उपलब्ध खेल सामग्रियों के साथ अपना मनोरंजन भी किया. कार्यक्रम के अंत में क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. कई राउंड की प्रतियोगिता में निर्णायक मंडली द्वारा उउवि नेपड़ा को प्रथम, उउवि टिकैली को द्वितीय, उउवि दुर्गास्थान को तृतीय एवं मेजबान सदानंद उच्च विद्यालय को चतुर्थ स्थान दिया गया. प्रधानाध्यापक डॉ राघवेन्द्र कुमार झा ने सफल प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान किया. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को अन्य स्कूलों के बच्चों के साथ मिलकर स्कूली व्यवस्था को जानना और समान व्यवस्था संचालित करना है. कहा कि सरकार विद्यालयों को आधुनिक शिक्षा के सभी संसाधन उपलब्ध करा रही है.बच्चों से संसाधनों का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया. भ्रमण कार्यक्रम से बच्चों ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा बेहद रोमांचकारी अनुभव रहा. काफी कुछ देखने और जानने का मौका मिला. शिक्षक कुमार प्रत्युष एवं तारिक अनवर के वाद्य पर स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत गाकर आगन्तुक शिक्षक एवं छात्रों का स्वागत किया. बिहार गीत एवं लोकगीत और लोकनृय्य भी परोसा गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम का विद्यालय प्रधान सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया. इस अवसर पर उउवि दुर्गास्थान के वरीय शिक्षक फुलेन्दु आचार्य, संजय कुमार, उउवि नेपड़ा के मनीष कुमार ठाकुर सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे. पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक रंजीत कुमार, शशांक शेखर, राजीव रंजन, गुलाम हसनैन, अमृतांश गुप्ता, मीरा ठाकुर तथा पुस्तकालय अध्यक्ष तस्लीम अख्तर की भूमिका अहम रही.
तीन अन्य विद्यालयों के छात्रों ने विद्यालय के संसाधनों का लिया जायजा
तीन अन्य विद्यालयों के छात्रों ने विद्यालय के संसाधनों का लिया जायजा
