-अब बीएड शिक्षकों के अनुभव प्रमाणपत्र पर प्राचार्य का होगा हस्ताक्षर -पूर्व में विश्वविद्यालय के कुलसचिव का काउंटर साइन को लेकर जारी किया गया था निर्देश कटिहार डीएस कॉलेज बीएड विभाग के शिक्षकों को निर्गत होनेवाले अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर न तो कॉलेज व न ही विवि पूणिया प्रशासन गंभीर है, जिसका नतीजा है कि कार्यरत बीएड के शिक्षक निर्गत होनेवाले अपने अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर हताश हैं. निकलने वाली भर्तियां व साक्षात्कार में अनुभव प्रमाण पत्र मांगे जाने के बाद ये लोग किंकर्तव्यमूढ़ की स्थिति में चले जाते हैं. अनुभव प्रमाण पत्र निर्गत को लेकर कई बार अलग-अलग विवि स्तर पर पत्र व निदेश जारी किये गयें. बीएड डीएस कॉलेज के कई शिक्षकों का कहना है कि 26 नवम्बर 2024 को पूणिया विवि के तत्कालीन कुलसचिव डॉ अनंत प्रसाद गुप्ता के द्वारा कुलपति के आदेश पर डीएस कॉलेज कटिहार एवं फारबिसगंज कॉलेज के प्राचार्य के नाम एक पत्र जारी किया गया था. जिसमें महाविद्यालय के बीएड प्रभाग स्ववित्तपोषित में कार्यरत शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र निर्गत करने सम्बंधित आवश्यक निदेश संसूचित करने से सम्बंधित था. जारी पत्र के माध्यम से दोनों अंगभीूत कॉलेज के प्राचार्य को अवगत कराया गया था कि बीएड प्रभाग स्ववित्तपोषित में कार्यरत शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र संल्ग्नित प्रारूप में ही कर कुलसचिव के प्रतिहस्ताक्षर के लिए प्राचार्य के स्तर से भेजा जाये. अनुभव प्रमाण पत्र के लिए एक फॉर्मा भी तैयार कर भेजा गया था, जिसमें प्राचार्य और पूणिया विवि के कुलसचिव का हस्ताक्षरयुक्त था. इधर 23 मार्च 2026 को पूणिया विवि के कुलसचिव प्रो अखिलेश कुमार ने एक पत्र जारी करते हुए दोनों बीएड कॉलेज डीएस कॉलेज कटिहार और फारबिसगंज कॉलेज कटिहार के प्राचार्य को अवगत कराया है कि महाविद्यालय के बीएड प्रभाग स्ववित्तपोषित में कार्यरत शिक्षकों, विभागाध्यक्ष के अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सक्षम प्राधिकार सम्बंधित महाविद्यालय के प्राचार्य होंगे. बीएड प्रभाग स्ववित्तपोषित इकाई के अंतर्गत संचालित है, इसलिए यह विधिवत स्पष्ट किया जाता है कि ऐसे किसी भी अनुभव प्रमाण पत्र पर विवि के कुलसचिव द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित किया जाना अपेक्षित या आवश्यक नहीं होगा. विवि के द्वारा जारी 26 नवम्बर 2024 द्वारा निर्गत पूर्ववती निदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त भी कर दिया गया. बीएड विभाग में कार्यरत शिक्षकों के बीच अनुभव प्रमाण पत्र निर्गत को ले चर्चा का विषय बना हुआ है, बीएड के कई शिक्षकों का कहना है कि अनुभव प्रमाण पत्र में विवि के कुलसचिव का प्रतिहस्ताक्षर आवश्यक है, बिना इसके दूसरे जगहों पर इस तरह के अनुभव प्रमाण पत्र का कोई औचित्य नहीं रह जाता है.
डीएस बीएड शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर विश्वविद्यालय नहीं है गंभीर
डीएस बीएड शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर विश्वविद्यालय नहीं है गंभीर
