कटिहार मानव तस्करी पर नकेल कसने को लेकर आरपीएफ ट्रेनों एवं प्लेटफार्म पर सघन चेकिंग अभियान चलाते आ रही है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे अपने संपूर्ण रेल नेटवर्क में आरपीएफ की सतर्क और संवेदनशील कार्यप्रणाली के माध्यम से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर मुस्तैद है. 24 जनवरी से 28 जनवरी के दौरान, आरपीएफ की टीमों ने विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर सुनियोजित एवं समन्वित रेस्क्यू अभियानों का संचालन किया, जिसके अंतर्गत अकेले यात्रा कर रहे अथवा संकटग्रस्त स्थिति में पाए गए यात्रियों को सफलतापूर्वक पहचानकर उसे रेस्क्यू किया. इन अभियानों के दौरान, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे क्षेत्राधिकार के अंतर्गत विभिन्न स्टेशनों एवं ट्रेनों से कुल 12 व्यक्तियों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया, जिनमें 8 नाबालिग और 4 व्यस्क हैं. रेस्क्यू मामलों में घर से भागे नाबालिग लड़कियां एवं लड़के, असहाय बच्चे, तथा नियमित स्टेशन निगरानी एवं रेलमदद शिकायतों के माध्यम से चिन्हित किए गए अकेले यात्रा कर रहे यात्री शामिल थे. ये प्रमुख बचाव कार्य कटिहार, किशनगंज, लामडिंग, रंगिया, न्यू बंगईगांव, कामाख्या और गुवाहाटी जैसे विभिन्न स्टेशनों पर किए गए. सभी रेस्क्यू किए गए नाबालिगों को संबंधित चाइल्डलाइन इकाइयों एवं मान्यता प्राप्त बाल देखभाल संस्थानों को सुरक्षित रूप से सौंप दिया. रेस्क्यू किए गए वयस्कों को आगे की आवश्यक कार्रवाई हेतु स्थानीय पुलिस अधिकारियों के समक्ष पेश किया. रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों की सतर्कता को उजागर करते हैं, जो कमजोर यात्रियों विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे सुरक्षित, संरक्षित एवं जन-केंद्रित रेल संचालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराता है तथा यात्रियों से अनुरोध करता है कि किसी भी अकेले, बिना देखभाल वाले नाबालिग अथवा किसी भी संदिग्ध परिस्थिति की सूचना तुरंत आरपीएफ कर्मियों को या रेलमदद के माध्यम से दें, ताकि शीघ्र प्रतिक्रिया और आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा सके. कपिंजल किशोर शर्मा, सीपीआरओ, एनएफ रेलवे
आरपीएफ ने 8 नाबालिग सहित 12 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया
आरपीएफ ने 8 नाबालिग सहित 12 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया
