कटिहार से रिपोर्ट,
कटिहार जिला के आजमनगर प्रखंड मुख्यालय परिसर में आमजनों की सुविधा के लिए जिला परिषद तथा अन्य योजना से बना चापा कल एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति का उपकरण सोभा का वास्तु बनकर रह गया है. जिला परिषद एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत सामान्य निधि से नागरिक सेवा के अधीन शुद्ध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की गई थी इस योजना के तहत आजमनगर प्रखंड मुख्यालय परिसर में चापा कल सहित 2 वाटर कूलर सह प्यूरीफायर लगाया गया है जिस पर 7 लाख रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है परिसर में आने वाले आमजन ,फरियादि, कुर्मियों एवं अन्य लोगों को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जा सके लेकिन देख-रेख के अभाव में यह महत्वाकांक्षी योजना पूरी तरह विफल साबित होते नजर आ रहा है वर्तमान स्थिति यह है कि उक्त वाटर कूलर पूरी तरह खराब पड़ा हुआ है न तो इसमें पानी की नियमित आपूर्ति की जा रही है और न ही प्यूरीफायर सिस्टम कार्य कर रहा है इतना ही नहीं बल्कि मोटर भी चोरी हो गई है परिणामस्वरूप परिसर में आने वाले लोगों को शुद्ध पेयजल तक नसीब नहीं हो पा रहा है गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है जब दूर-दराज से आने वाले फरियादी घंटों तक परिसर में बैठे रहते हैं और उन्हें पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है. वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि आज से करीब 1 वर्ष पूर्व बना यह वाटर कूलर सही ढंग से कार्यरत रहता तो प्रतिदिन हजारों की संख्या में प्रखंड मुख्यालय तथा थाना आने वाले लोगों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल सकती थी लेकिन परिसर जैसे सार्वजनिक स्थल पर इस प्रकार की लापरवाही न केवल योजना की विफलता को दर्शाती है बल्कि सरकारी राशि का दुरुपयोग होने की सम्भावनाओं को भी दर्शाता है जहां लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई सुविधा के नाम पर खानापूर्ति की गई हो लेकिन विभागीय अधिकारी की उदासीनता कुछ और ही बयां कर रही है.वहीं कुछ लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि जब से यह उपकरण लगाए गए हैं उसके बाद से ही इसकी नियमित जांच और रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई समय-समय पर मरम्मत और पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाती तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती इससे साफ जाहिर होता है कि योजना तो बनाई गई, लेकिन उसके संचालन और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया आमजन की मांग है कि संबंधित विभाग और जिला परिषद इस ओर शीघ्र ध्यान दें तथा खराब पड़े वाटर कूलर एवं प्यूरीफायर को अविलंब दुरुस्त कर पुनः सुचारू रूप से चालू कराया जाए इससे न केवल सरकारी धन का सही उपयोग होगा, बल्कि परिसर में आने वाले आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा.
