बलिया बेलौन मदरसा जामेअतुस शहाबयात सालमारी के नाजीमा, जामे मस्जिद अबु बकर के इमाम हजरत मौलाना हाफिज इमदादुल हक कासमी ने कहा की कुर्बानी का त्योहार ईद उल अजहा 28 मई को अदा की जायेगी. इस अवसर पर ईदगाहों में नमाज अदा करने के बाद हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत को अदा करते हुए घरों में जानवरों की कुर्बानी अदा करेंगे. जिलहिज्जा की 10वीं तारीख को मक्का में दुनिया भर के मुसलमान जमा होकर हज की अदायगी करेंगे. हर अहले निशाब पर हज और कुर्बानी फर्ज है. इस्लाम के मुताबिक हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपने बेटे हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा के राह में कुर्बान करने जा रहे थे, कि अल्लाह रब्बुल इज्जत ने इस के बदले दुमबा की कुर्बानी करा दी. इसी की याद में हर साल 10 जिलहिज्जा को कुर्बानी अदा की जाती है. कुर्बानी के जानवर का हर एक बाल के बदले, इस के हर एक खून के कतरा का शवाब मिलता है. जिलहिज्जा के 10वीं, 11वीं, 12वीं तारीख तक कुर्बानी अदा की जा सकती है. 13वीं जिलहिज्जा के अशर तक हर नमाज के बाद तकबीर ए तफसीर अल्लाह हो अकबर, अल्लाह हो अकबर, लाइलाहा इल्लल्लाह, वअल्लाह हो अकबर, अल्लाह हो अकबर व बिल्लाह हिल हम्द पढ़ना वाजिब है. उन्होंने लोगों से बढ़कर ईद का पर्व अमन शांति के माहौल में मनाने की अपील करते हुए कहा की कोई आपत्तीजनक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट ना करें. सभी को एक दूसरे के जज्बात का ख्याल रखना जरूरी है.
ईद उल अजहा में हज की अदायगी होती है, मौलाना इमदाद
ईद उल अजहा में हज की अदायगी होती है, मौलाना इमदाद
