कोढ़ा, प्रखंड के बाल विकास परियोजना कार्यालय, कोढ़ा के प्रांगण में आंगनवाड़ी सेविकाओं ने पांच सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना व प्रदर्शन गुरुवार को किया. प्रखंड की करीब 300 केंद्रों के बावजूद 70-80 सेविकाएं ही शामिल हुईं. सेविकाओं ने सीडीपीओ को लिखित आवेदन सौंपकर मांगों को सरकार तक पहुंचाने की अपील की. प्रखंड अध्यक्ष बिंदु चौरसिया ने बताया कि आंगनवाड़ी सेविकाएं लंबे समय से अपने अधिकारों और सुविधाओं को लेकर संघर्ष कर रही हैं. कहा, अगर सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती, तो हम आगे भी धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे. यह आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता. आंगनवाड़ी सेविकाएं ने बताया कि मानदेय में बढ़ोतरी सेविकाओं को कम वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है, इसलिए मानदेय बढ़ाया जाए.सेविकाओं का स्थायीकरण आंगनवाड़ी सेविकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाये.सेविकाओं को समय पर भुगतान कई बार मानदेय महीनों तक लंबित रहता है, जिससे सेविकाओं को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.काम के घंटे और जिम्मेदारियों में संतुलन सेविकाओं से लगातार काम लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाओं में कोई सुधार नहीं किया जा रहा. रिटायरमेंट के बाद पेंशन सुविधा सेवानिवृत्त सेविकाओं के लिए पेंशन की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें भविष्य में आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.धरना प्रदर्शन में उपस्थित सेविकाओं ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनायेगी अगर उनकी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगी. बाल विकास परियोजना पदाधिकारी ने सेविकाओं के आवेदन को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जायेगा.
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