कटिहार से सूरज गुप्ता की रिपोर्ट : बिहार में जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को लेकर लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गयी है. शिक्षा विभाग ने साफ निर्देश जारी करते हुए कहा है कि शिक्षक विद्यालय अवधि के दौरान केवल अध्यापन कार्य करेंगे, जबकि जनगणना का क्षेत्रीय कार्य स्कूल समय से पहले या बाद में करना होगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी आलोक चंद्र चौधरी ने अपर मुख्य सचिव के निर्देश के आलोक में सभी विद्यालय प्रधान, सीआरसी समन्वयक और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर इसका अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है.
शिक्षा विभाग ने जारी किया स्पष्ट दिशा-निर्देश
जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत जो शिक्षक प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त हैं, वे अपनी नियमित शैक्षणिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ जनगणना कार्य भी करेंगे. हालांकि यह कार्य विद्यालय समय के दौरान नहीं किया जाएगा.अलग-अलग आदेश से शिक्षकों में बन रही भ्रम की स्थिति
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेन्दर की ओर से जारी निर्देश में बताया गया कि जनगणना निदेशालय की तरफ से लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि अलग-अलग जिलों में शिक्षकों की उपस्थिति और जनगणना कार्य को लेकर अलग-अलग आदेश जारी किए जा रहे हैं. इससे शिक्षकों के बीच भ्रम की स्थिति बन रही थी.अब पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी
नए निर्देश के अनुसार शिक्षक पहले विद्यालय में अध्यापन कार्य पूरा करेंगे. इसके बाद स्कूल समय समाप्त होने पर या विद्यालय शुरू होने से पहले जनगणना से जुड़ा फील्ड वर्क करेंगे. शिक्षा विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और जनगणना कार्य भी समय पर पूरा हो सकेगा.पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 31 मई 2026 तक शिक्षकों को किसी भी प्रकार के अनिवार्य प्रशिक्षण संबंधी अतिरिक्त दायित्व से मुक्त रखा जाएगा. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षक बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपनी दोहरी जिम्मेदारियां निभा सकें.
जिलों में एकरूप व्यवस्था लागू करने की तैयारी
शिक्षा विभाग चाहता है कि पूरे राज्य में जनगणना कार्य को लेकर एक समान व्यवस्था लागू हो. इसी वजह से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्पष्ट और एकरूप आदेश जारी करें ताकि शिक्षकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
नई व्यवस्था के बाद अब शिक्षकों को विद्यालय और जनगणना दोनों कार्यों के बीच संतुलन बनाने में आसानी होने की उम्मीद है.