कटिहार से सूरज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
Tariq Anwar Press Conference: कटिहार के गामी टोला स्थित अपने पैतृक आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता (प्रेस कॉन्फ्रेंस) को संबोधित करते हुए सांसद तारिक अनवर ने देश की वर्तमान राजनीतिक, आर्थिक और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाली के मुद्दे पर मोदी सरकार को विफल बताते हुए देश की सांस्कृतिक आस्था के सम्मान में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की वकालत की. इसके साथ ही उन्होंने सीमांचल में गहराते बिजली संकट पर भी गहरी चिंता व्यक्त की.
मोदी सरकार में एक दशक बाद भी गाय को नहीं मिला राष्ट्रीय पशु का दर्जा: तारिक अनवर
प्रेस वार्ता के दौरान सांसद तारिक अनवर द्वारा उठाए गए मुख्य वैचारिक और राजनीतिक बिंदु निम्नलिखित हैं:
- सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व: सांसद ने कहा कि गाय के प्रति देश के बहुसंख्यक हिंदू समुदाय की गहरी और अटूट आस्था जुड़ी हुई है. गाय न केवल भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रही है.
- मुस्लिम धर्मगुरुओं का मिला समर्थन: उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि अब तो मुस्लिम समाज के बड़े और प्रतिष्ठित धार्मिक नेताओं ने भी आगे आकर केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग का समर्थन किया है.
- भाजपा पर साधा निशाना: सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार को एक दशक से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा नहीं दिया जा सका है, जो सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है.
कमरतोड़ महंगाई से गरीब और मध्यम वर्ग बेहाल
आर्थिक मोर्चे पर विफलता का आरोप: देश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए सांसद ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है. खाद्य पदार्थों, रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल सहित सभी आवश्यक रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं. इस बेतहाशा वृद्धि के कारण गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह अक्षम साबित हुई है और जनता को सीधे राहत देने के बजाय केवल बड़े-बड़े खोखले दावे करने में जुटी है.
भीषण गर्मी में बिजली की अनियमित आपूर्ति से त्रस्त है सीमांचल
बिजली संकट पर ऊर्जा मंत्रालय को घेरा:
दौरे और प्रेस वार्ता के दूसरे मुख्य भाग में सांसद ने कटिहार सहित पूरे सीमांचल क्षेत्र में जारी भीषण गर्मी और बिजली की भारी किल्लत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया:
- पढ़ाई और कारोबार प्रभावित: उन्होंने कहा कि इस वक्त पारा चढ़ने के साथ ही बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों की जा रही अघोषित बिजली कटौती (पावर कट) से त्रस्त लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं. इस अनियमितता के कारण पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है, किसानों की सिंचाई रुक गई है, छोटे व्यवसाय बंद होने की कगार पर हैं और छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है.
- डिमांड के अनुरूप हो आवंटन: सांसद ने राज्य के ऊर्जा विभाग और केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से मांग की है कि कटिहार जिले को उसकी वास्तविक डिमांड के अनुरूप पर्याप्त बिजली का कोटा आवंटित किया जाए. साथ ही, जर्जर तारों और ट्रांसमिशन व वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) व्यवस्था को तुरंत मजबूत किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण बिजली मिल सके.
इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य रूप से सांसद प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव, कांग्रेस जिला प्रवक्ता पंकज तमाखुवाला, अवधेश मंडल सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.
