ताजिया को कहीं ताजमहल, तो कहीं शीशमहल का दिया जा रहा प्रारूप

लाठी का करतब दिखाने के लिए युवा और बच्चे कर रहे है अभ्यास

कटिहार. ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर तक मोहर्रम की तैयारी जोरों पर है. इसको लेकर शहर के कई मोहल्लों में ताजिया का निर्माण भी अंतिम चरण पर चल रहा है. 17 जुलाई को मोहर्रम का दशमी है और इसी दिन ताजिया जुलूस निकाली जायेगी, सभी कमेटियों के द्वारा एक से बढ़कर एक ताजिया का निर्माण किए हुए है. रंग बिरंगे कागज, शीशे प्लाईवुड, थर्माकोल, आदि सामग्रियों से मनमोहक ताजिया का निर्माण किया गया है. कही ताजमहल का प्रारूप दिया जा रहा है, तो कहीं पर शीश महल तो कही काल्पनिक बेहद खूबसूरत ताजिया का निर्माण किया जा रहा है. कमेटी के लोगों कि माने तो इस पर बड़े ही भव्य रुप से ताजिया जुलूस शहर में निकाला जायेगा. शहर के दुर्गापुर में पिछले पांच दशक से ताजिया का निर्माण कराया जाता है, और हर बार ताजमहल का ही रूप दिया जाता है. इस वर्ष भी ताजमहल के प्रारूप का निर्माण कर यहां से ताजिया निकाला जायेगा. शहर में रामपाड़ा तजिया निकलने पर लोगों के लिए आकर्षण केंद्र रहता है. रामपड़ा का ताजिया सबसे बड़ा और तजिया में शामिल लोगों की हुजूम काफी उमड़ती है. इस बार रामपाड़ा में एक खूबसूरत ताजिया का निर्माण किया जा रहा है, ड्राइवर टोला में भी एक बेहतरीन ताजिया का निर्माण कराया जा रहा है. इस ताजिया में सनमाइका और प्लाईवुड से तैयार किया जा रहा है. लड़कनिया टोला में भी ताजिया का निर्माण किया जा रहा है. इस बार इस ताजिया के फर्मे के साथ थरमोकोल, रंगीन कागज एवं अन्य चीजों से सजाया जा रहा है जो लोगों को बेहद पसंद आयेगा. शहर के मिरचाईबाड़ी मे इस बार एक खूबसूरत ताजिया का निर्माण कराया जा रहा है यह ताजिया एक काल्पनिक ताजिया के रूप में है, और इस ताजिया में इस बार लकड़ी के बीट का फरमा बनाकर थरमोकोल और रंगीन कागज लगाए जा रहे है. हर कमेटी द्वारा बेहद ही खूबसूरत तरीके से ताजिया बनाने में लगे हुए हैं. सदस्यों ने बताया कि इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है, और सभी कमेटी द्वारा बेहतर तजिया प्रदर्शन करने को लेकर होर लगी रहती है. दूसरी तरफ शहर के अरगड़ा चौक पर ताजिया खेलने के लिए सभी दुकानों को वहां से हटा दिया गया है. मैदान को पूरी तरह से साफ सफाई करा दी गयी है. बता दें कि शहर के जितने भी मोहल्लों से ताजिया जुलूस निकलते हैं सभी एक एक कर अरगरा चौक के इस मैदान में पहुंचकर अपने लाठी डंडे का कर्तव्य दिखाते हैं. इसको लेकर अरगड़ा चौक के मैदान में तैयारियां भी चल रही है. मैदान की साफ सफाई के बाद यहां पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं जिला प्रशासन के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे और बड़ी संख्या में महिला व पुरुष के ताजिया देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ेगी. लाठी का करतब दिखाने के लिए युवा और बच्चे कर रहे है अभ्यास ऐसे मुहर्रम को लेकर 10 दिन पूर्व से ही मोहल्लों में ढोल बजने शुरू हो गये है, खासकर के युवा और बच्चे मुहर्रम के आगमन को लेकर पूरे जोश में है. शहर में निकाले जानेवाले ताजिया जुलूस में अपना कर्तव्य दिखाने के लिए युवा और बच्चे इन दिनों पूरी जोर-शोर से अभ्यास में लगे हुए हैं. बता दें कि दशमी से पूर्व संध्या शहर में कई मोहल्लों से जुलूस निकाली जायेगी और शहर के बरमना स्थित अंबारा में अपना करतब दिखाएं. बुधवार की सुबह पूरे शहर में ताजिया जुलूस निकाला जायेगा, जहां सभी लाठी-डंडे खेल कर अपना करतब दिखाएंगे. इसको लेकर हर मोहल्ले में तैयारी भी की जा रही है, मोहल्ले के अखाड़ों में कर्तव्य को लेकर जोर शोर से अभ्यास भी किया जा रहा है, इसको लेकर युवा और छोटे-छोटे बच्चे काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं. अभ्यास सुबह और शाम अपने अपने अखाड़ों में कर रहे है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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