कटिहार में शिक्षा विभाग की बड़ी सख्ती: आधा दर्जन प्रखंडों में नामांकन की सुस्त रफ्तार पर भड़के डीईओ, 31 मई तक 'मिशन मोड' का अल्टीमेटम

चालू शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों का शत-प्रतिशत स्कूल में दाखिला सुनिश्चित करने को लेकर कटिहार जिला शिक्षा विभाग बेहद सख्त हो गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) राहुल चंद्र चौधरी ने जिले के आधा दर्जन प्रखंडों में नामांकन की बेहद खराब स्थिति पर गहरी नाराजगी जताते हुए संकुल समन्वयकों (CRCC) की जवाबदेही तय की है और लापरवाही बरतने पर कड़े अनुशासनात्मक एक्शन की चेतावनी दी है.

ई-शिक्षाकोष की रिपोर्ट ने खोली पोल: कक्षा 9 में केवल 52% परागमन दर

डीईओ द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, 19 मई 2026 की शाम तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड की गई समीक्षा रिपोर्ट में जिले की प्रगति अत्यंत निराशाजनक और चिंताजनक पाई गई है. जिले के वर्तमान आंकड़े विभाग की सुस्ती को बयां कर रहे हैं:

  • कक्षा 01: कुल निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 86.48 प्रतिशत बच्चों का ही नामांकन हो सका है.
  • कक्षा 06 (परागमन दर): पिछली कक्षा उत्तीर्ण कर छठी में जाने वाले छात्रों का दर मात्र 74.19 प्रतिशत है.
  • कक्षा 09 (परागमन दर): सबसे दयनीय स्थिति नौवीं कक्षा की है, जहाँ केवल 52.14 प्रतिशत छात्र ही अगली कक्षा में प्रवेश ले पाए हैं.

विशेष रूप से जिले के कुरसेला, समेली, बारसोई, मनिहारी, हसनगंज एवं बलरामपुर प्रखंडों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिसके बाद विभाग ने अब इसे ‘मिशन मोड’ में चलाने का फैसला किया है.

विस्तारित हुई अवधि, संकुल समन्वयकों को मिले कड़े और स्पष्ट निर्देश

विभागीय निर्देशों के आलोक में अब इस विशेष नामांकन अभियान की समय सीमा को बढ़ाकर 31 मई 2026 तक कर दिया गया है. इस अंतिम अवसर में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर समन्वयकों (CRCC) को पांच सूत्रीय एक्शन प्लान सौंपते हुए कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है:

1. संकुल कक्षावार दैनिक प्रतिवेदन: प्रत्येक सीआरसी अपने संकुल के सभी प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक विद्यालयों की दैनिक कक्षावार नामांकन रिपोर्ट खुद संकलित करेंगे और प्रतिदिन शाम 05:00 बजे तक अपने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) को सौंपेंगे.

2. गृहवार सर्वेक्षण का जमीनी नेतृत्व: शिक्षक जो घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं, सीआरसीसी स्वयं जमीन पर जाकर उसका नेतृत्व करेंगे. पोषक क्षेत्र में 6-14 आयु वर्ग का कोई भी बच्चा अनामांकित या आउट ऑफ स्कूल नहीं छूटना चाहिए.

3. शून्य ड्रॉपआउट के लिए परागमन ट्रैकिंग: सत्र 2025-26 में पांचवीं पास करने वाले बच्चों का छठी में और आठवीं पास करने वाले बच्चों का नौवीं में शत-प्रतिशत नामांकन कराने के लिए विद्यालयवार मैपिंग की जाएगी. छूटे हुए बच्चों के अभिभावकों से व्यक्तिगत संपर्क साधा जाएगा.

4. विशेष चौपाल और सुधारात्मक निरीक्षण: जिन स्कूलों में लक्ष्य के मुकाबले नामांकन बहुत कम है, वहाँ सीआरसीसी स्वयं जाकर प्रधानाध्यापक (HM) के सहयोग से विशेष गार्जियन मीटिंग या शिक्षा चौपाल का आयोजन करेंगे.

BEO करेंगे दैनिक समीक्षा, लक्ष्य पूरा न होने पर रुकेगा वेतन और होगी कार्रवाई

डीइओ राहुल चंद्र चौधरी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को निर्देशित किया है कि वे अपने प्रखंड के सभी संकुल समन्वयकों के साथ प्रतिदिन शाम को समीक्षा बैठक करेंगे. खराब प्रदर्शन करने वाले संकुल समन्वयकों से तुरंत स्पष्टीकरण (शो-कॉज) प्राप्त कर जिला कार्यालय को कार्रवाई के लिए भेजेंगे. आदेश में साफ कहा गया है कि 31 मई 2026 तक हर हाल में लक्ष्य प्राप्त करना अनिवार्य है. यदि इस विस्तारित अवधि के भीतर भी शत-प्रतिशत नामांकन नहीं होता है, तो इसे कार्य के प्रति घोर शिथिलता माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक व अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.

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Published by: Divyanshu Prashant

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