– किसानों की मेहनत पर फिरा पानी कोढ़ा क्षेत्र में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. इसका सीधा मार मक्का की खेती पर पड़ती नजर आ रही है. पिछले कुछ दिनों से मक्का की कटाई चल रही थी. किसान अपनी फसल को खेतों में सुखाने में जुटे थे. लेकिन शनिवार रात से चली तेज हवा व हल्की बारिश ने किसानों की चिंता को दोगुना कर दिया है. सुबह होते ही आसमान में बादल छा गये और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला शुरू हो गया. खेतों में सुखाई जा रही मक्का की फसल भीग गयी. इससे न केवल दाने की गुणवत्ता पर असर पड़ने का खतरा है. बल्कि अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो फसल सड़ भी सकती है. कई किसान रातभर अपने खेतों में निगरानी करते रहे. ताकि फसल को बारिश से बचाया जा सके. लेकिन मौसम के आगे उनकी सारी मेहनत बेकार जाती दिख रही है. जो मक्का खेतों में सूखने के लिए रखी गई थी. वह पूरी तरह भीग गई है. जिसकी कटाई बाकी है, वे किसान भी असमंजस में हैं कि फसल काटे या इंतजार करें. किसान रामस्वरूप यादव का कहना है कि हमने बड़ी मेहनत से फसल तैयार की थी. बस कुछ दिन और चाहिए थे. सुखाने के लिए, लेकिन इस बारिश ने सब बिगाड़ दिया. अब ना तो मक्का पूरी तरह सूख पायेगी, ना ही इसकी गुणवत्ता बनी रहेगी. मक्का की फसल को सुखाना एक बड़ी चुनौती बन गयी है. अगर मौसम जल्द नहीं सुधरा, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
