मदर्स डे पर खास, पति के असामयिक निधन के बाद सुनीता सिंह ने हिम्मत नहीं हारी

मदर्स डे पर खास, पति के असामयिक निधन के बाद सुनीता सिंह ने हिम्मत नहीं हारी

– तीन बच्चों को पढ़ाया, तीनों पुत्र कर रहे जाॅब मनिहारी मनिहारी नगर के वार्ड दो नयाटोला की सुनीता सिंह पति स्व ओमप्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना सिंह पति के असामयिक निधन के बाद हिम्मत नहीं हारी. 2010 में निधन हुआ था. अपने तीनों पुत्र को पढ़ाया. सभी पुत्र अभी जाॅब कर रहे है. बडे पुत्र राणा प्रताप सिंह रेलवे में एकाउंटेंट पद पर कार्यरत है. निर्भय सिंह राणा बीएसएफ में सब इंस्पेक्टर पद पर है. छोटे पुत्र आइआइटी रूड़की से पढ़ाई कर बंगलोर में जाॅब कर रहे है. सभी पुत्र सफल हुए. इससे यही पता चलता है कि सुनीता सिंह ने विपरित परिस्थिति में हार नहीं मानी. खुद को मजबूत बनाया. अपने पति मुन्ना सिंह के सपने को साकार करने में लग गयी. इस बीच कई चुनौतियां भी आयी. लेकिन कहते हैं न कि संघर्ष कभी बेकार नहीं जाता. तीनों बच्चों को देखकर सुनीता सिंह को हिम्मत मिलती रही. उसी हिम्मत ने उनके तीनों पुत्र को सफलता के उस मुकाम तक पहुंचा दिया. जहां जाना कोई आम बात नहीं है. तीनों बच्चों ने भी खूब मेहनत कर अपनी मां के सपने को साकार किया. सुनीता सिंह ने बताया कि संकट और विपत्तियां आती रहती है. उनसे मुकाबला करने वाले ही समाज को नई दिशा देते हैं. महिलाओं को हर परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए. क्योंकि परिस्थिति कभी किसी को बताकर नहीं आती.

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By RAJKISHOR K

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