डायबिटीज के मरीज के लिए सेहरी जरूरी, डॉ तस्कीन

डायबिटीज के मरीज के लिए सेहरी जरूरी, डॉ तस्कीन

बलिया बेलौन रमजानुल मुबारक के महीने में सुबह सादिक से पहले सेहरी करने के बाद दिन भर भूखे प्यासे रह कर शाम में सूरज डूबते वक्त इफ्तार की जाती है. ऐसे में दिन भर भूखे, प्यासे रह कर रोजा मुकम्मल करना डायबिटीज से जूझ रहे मरीजों के लिए एक चुनौती के समान है. खाने पीने के समय में बदलाव तथा लंबे समय तक भूखे रहने से ब्लड शुगर लेबल अस्थिर हो सकता है. इस पर डायबिटीज के मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है. थोड़ी सावधानी से आसानी से रोजा मुकम्मल कर सकते हैं. उक्त बातें कटिहार मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष हार्ट एण्ड डायबिटीज विशेषज्ञ सालमारी निवासी डॉ तस्कीन अहमद रेजा ने कहा. वैसे रोजेदार जो शुगर के मरीज हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि उनके लिए सेहरी खाना जरूरी है. इससे भूखे रहने का कुछ वक्ता कम होगा. रोजा की हालत में परेशानी कम होगी. उन्होंने कहा कि रोजे के दौरान इफ्तार व सेहरी के समय खान-पान का विशेष ख्याल रखना है. शुगर के मरीजों को सेहरी आवश्यक रूप से करनी है. सेहरी में सीमित मात्रा में कार्बोंहाईड्रेट व प्रोटीन तथा फाइबर युक्त भोजनों का सेवन करना है. विशेष कर सब्जियां लेनी है. क्योंकि यें देर तक पेट को भरा रखता है. इफ्तार के बारे में बताते हुए चिकित्सक ने कहा कि दिन भर रोजे की हालत में रहने के बाद यदि इफ्तार में अधिक मीठा या तला-भुना सामान खा लिया जाये तो इससे शुगर लेबल अनियंत्रित हो सकता है. शुगर के मरीज इफ्तार के समय ताजे फलों का सेवन करने, तली-भुनी हुईं चीजों का सीमित मात्रा में सेवन करने की बात कही. उबली हुई चीजों को खाने तथा इफ्तार से लेकर सेहरी तक कम से कम आठ गिलास पानी पीने की सलाह दी है. धूप में बाहर निकलने से परहेज करने की जरूरत है. ताकि शरीर का पानी कम से कम निकले, ब्लड शुगर की नियमित जांच तथा जरुरत के अनुसार चिकित्सक से संपर्क करने की बात कही.

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By RAJKISHOR K

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