शिक्षा के मंदिर के गेट पर नगर निगम ने बनाया कचरा डंपिंग यार्ड, सड़ांध और दुर्गंध के बीच पढ़ाई करने को मजबूर नौनिहाल

School Dumping Yard: एक तरफ देश भर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता की बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं, तो दूसरी तरफ कटिहार नगर निगम की एक ऐसी शर्मनाक लापरवाही सामने आई है जो बच्चों के भविष्य और उनके स्वास्थ्य के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ कर रही है.

School Dumping Yard: कटिहार से नीरज की रिपोर्ट: कटिहार शहर के नया टोला रामकंठू चौक (वार्ड नंबर 36) स्थित रामकंठू महतो मध्य विद्यालय के मुख्य निकासी गेट के समीप नगर निगम के सफाई कर्मियों ने कचरा डंपिंग यार्ड बना दिया है. वार्ड के सभी घरों से कचरा उठाकर निगम कर्मी रोजाना स्कूल के गेट पर ही फेंक रहे हैं. इस घोर लापरवाही के कारण विद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. चारों तरफ फैली गंदगी और सड़ांध के कारण पूरा वातावरण दूषित हो चुका है.

नाक पर हाथ रखकर स्कूल जाने को विवश हैं बच्चे

विद्यालय की बाउंड्री वॉल और मुख्य गेट से सटे लगे कचरे के अंबार के कारण पूरे इलाके में भीषण दुर्गंध फैली रहती है. स्थानीय दुकानदार गणेश महतो और प्रीतम ठाकुर ने बताया कि स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि छोटे-छोटे बच्चे अपनी नाक पर हाथ रखकर स्कूल के अंदर जाने को विवश हैं. बारिश के दिनों में यह कचरा सड़क पर फैल जाता है, जिससे संक्रमण (इंफेक्शन) फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है. राहगीरों का भी इस रास्ते से गुजरना मुहाल हो चुका है.

स्थानीय लोग भी बहा रहे हैं गंगा, 3 वार्डों का कचरा यहीं

सफाई कर्मियों के साथ-साथ वार्ड संख्या 34, 35 और 36 के कुछ स्थानीय लोग भी अपना घरेलू कचरा इसी स्थान पर लाकर फेंक रहे हैं. हालांकि, निगम की गाड़ी दो से तीन दिनों के अंतराल पर इस कचरे को यहां से उठाती है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या किसी शिक्षा के मंदिर के ठीक सामने इस तरह का अस्थाई डंपिंग यार्ड बनाना कानूनी और नैतिक रूप से सही है? स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी इस बात से बेपरवाह हैं क्योंकि उनके अपने बच्चे इन सरकारी स्कूलों में पढ़ने नहीं आते.

स्वच्छ भारत मिशन को लग रहा पलीता, शिकायतें बेअसर

इस गंभीर समस्या को लेकर रामकंठू महतो मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन की ओर से स्थानीय वार्ड पार्षद से लेकर नगर निगम के आला अधिकारियों तक कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की हैं. इसके बावजूद नगर निगम के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और गेट पर कचरा डंप करने का काम धड़ल्ले से जारी है.

प्रबंधन, स्थानीय दुकानदारों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल गेट के पास कचरा फेंकने पर तुरंत रोक लगाई जाए और शहर से बाहर किसी वैकल्पिक डंपिंग स्थल की व्यवस्था की जाए.

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Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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