कटिहार से सूरज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
Sauria School Building Damaged: शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार जहां नए-नए डिग्री कॉलेज खोलने की दिशा में काम कर रही है, वहीं कटिहार जिले के डंडखोरा से आई जमीनी हकीकत नीतिगत दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. प्रखंड के उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सौरिया का भवन निर्माण के महज पांच-छह वर्षों के भीतर ही पूरी तरह जर्जर हो चुका है. क्लासरूम्स में सीलन, प्लास्टर झड़ने और छत से पानी रिसने की समस्या से स्कूली बच्चे पहले से ही परेशान हैं और अब इसी परिसर में राजकीय डिग्री कॉलेज चलाने की तैयारी ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
महज 5-6 साल में जर्जर हुआ 1.15 करोड़ का भवन, उच्च स्तरीय जांच की मांग
भवन के निर्माण, उद्घाटन और इसकी वर्तमान गुणवत्ता की स्थिति से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- विधायक ने किया था उद्घाटन: उल्लेखनीय है कि इस प्लस-टू (Plus Two) विद्यालय भवन का निर्माण करीब 1.15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से कराया गया था, जिसका उद्घाटन कदवा विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक डॉ. शकील अहमद खान ने 18 दिसंबर 2019 को किया था.
- घटिया निर्माण का आरोप: महज पांच-छह साल में ही करोड़ की लागत से बना भवन खंडहरनुमा स्थिति में पहुंच गया है, बारिश का पानी कमरों और फर्श पर जमा रहता है, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में डर बना हुआ है, स्थानीय ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
दो कमरों में चल रहा कौशल विकास केंद्र, एचएम ने साधी चुप्पी
कमरों की भारी किल्लत: उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सौरिया के पास पहले से ही बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त कमरों का अभाव है, इसके बावजूद इसी भवन के दो महत्वपूर्ण कमरों में श्रम संसाधन विभाग की ओर से कौशल विकास केंद्र का संचालन किया जा रहा है. शिक्षा के मंदिर में व्यावसायिक केंद्र के संचालन के लिए किस आधार पर कमरों का आवंटन किया गया, इस पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक (HM) कुछ भी साफ बताने से इनकार करते हैं. उनका सिर्फ इतना कहना है कि उनके प्रभार लेने से पूर्व से ही यह व्यवस्था चल रही है.
ज्वाइनिंग के एक महीने बाद भी प्राचार्य को नहीं मिला बैठने का कमरा
कॉलेज प्रशासन की लाचारी:
पूर्णिया विश्वविद्यालय की ओर से केबी झा कॉलेज के प्राध्यापक प्रो. विनय कुमार पांडेय को इस नए राजकीय डिग्री कॉलेज, डंडखोरा का प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है. विद्यालय परिसर में पहुंचने पर उनसे हुई मुलाकात में उनकी लाचारी साफ देखने को मिली.
प्राचार्य प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि उन्हें ज्वाइन किए हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन डिग्री कॉलेज के अस्थायी संचालन के लिए आवंटित किए गए कमरों का अब तक कोई अता-पता नहीं है. वे वर्तमान में प्लस-टू विद्यालय के प्रधानाध्यापक के कक्ष में ही किसी तरह बैठने को मजबूर हैं. प्रभारी प्राचार्य के साथ जब संयुक्त रूप से भवन का निरीक्षण किया गया, तो कॉलेज के लिए प्रस्तावित क्लासरूम्स के फर्श पर छत से टपका हुआ बारिश का पानी जमा मिला.
बहरहाल, प्रशासन और शिक्षा विभाग इस जर्जर व्यवस्था के बीच उच्च शिक्षा का ढांचा कैसे खड़ा करता है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी.
