प्रतिनिधि, कटिहार सदर अस्पताल में लगाये गये दो ऑक्सीजन प्लांट में सबसे बड़ा ऑक्सीजन प्लांट मेंटिनेस के अभाव में ठप है. अभी सदर अस्पताल में पूर्व में लगा हुआ 280 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट ही चालू है. अस्पताल के नए भवन निर्माण के बाद सभी मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन प्लांट से सीधे ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था की गई है. पिछले तीन महीना से ऊपर से सदर अस्पताल के सबसे बड़े ऑक्सीजन प्लांट 600 एलपीएम का मेंटेनेंस के अभाव में प्लांट धूल फांक रहा है. ऑक्सीजन प्लांट से आईसीयू तथा मदर चाइल्ड हॉस्पिटल ऑक्सीजन सप्लाई कनेक्ट किया गया है. लेकिन ऑक्सीजन प्लांट बंद रहने के कारण फिलहाल दोनों स्थानों पर सिलेंडर के जरिए मरीज को ऑक्सीजन दिया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बताते हैं कि ऑक्सीजन प्लांट के मेंटेनेंस को लेकर लाखों रुपए खर्च होंगे. इसको लेकर विभाग को सूचित कर दिया गया है. जल्दी मेंटेनेंस का कार्य पूरा करने के बाद बड़े ऑक्सीजन प्लांट को चालू कर दिया जायेगा. ऐसे में मरीज को ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर सदर अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर मैं ऑक्सीजन भरवाने को लेकर राशि खर्च की जा रही है. बता दें सदर अस्पताल में दोनों ऑक्सीजन प्लांट से 183 जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर तैयार करने की क्षमता है. सदर अस्पताल के पुराने किचन के समीप लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट में 58 जंबो सिलेंडर ऑक्सीजन तैयार होता है. सदर अस्पताल यूनिसेफ के द्वारा लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट में 125 जम्बो सिलेंडर ऑक्सीजन तैयार होता है. पहले सदर अस्पताल में 280 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट लगे थे. 24 घंटे में 58 जंबो सिलेंडर ऑक्सीजन तैयार करने की क्षमता थी. दूसरा ऑक्सीजन प्लांट 600 एलपीएम का लगाया गया है. इससे 24 घंटे में 125 जम्बो सिलेंडर ऑक्सीजन तैयार होंते है. को फिलहाल अभी बंद है.
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