मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मनिया गांव में ऋण दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है. गांव की नजराना खातून पर आरोप है कि उसने दर्जनों महिलाओं को झांसे में लेकर उनके नाम पर ग्रुप लोन उठाया और अधिकांश रकम खुद हड़प कर फरार हो गयी. घटना के बाद पीड़ित महिलाएं अब कर्ज के बोझ तले दब गयी हैं. इधर, ग्रुप वाले अब उनसे किस्त चुकाने का दबाव बना रहे हैं. हालांकि अभी तक पीड़ित महिलाओं ने थाना में कोई शिकायत दर्ज नहीं करायी है. लेकिन जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ है तो वह अब प्रशासन से शिकायत करने की बात कह रही है. जानकारी के अनुसार आरोपित नजराना खातून ने महिलाओं को आसान तरीके से ऋण दिलाने का भरोसा दिलाया. उसने महिलाओं के दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग बैंकों से ऋण पास कराया. लेकिन ऋण की पूरी राशि खुद रख ली. महिलाओं को केवल 1000 से 2000 रुपये देकर यह भरोसा दिलाया गया कि वह नियमित रूप से सभी किस्तों का भुगतान करती रहेगी. शुरुआत में भरोसा कायम रखने के लिए उसने दो-तीन किस्तें भी जमा की. जिससे महिलाओं का विश्वास और मजबूत हो गया. इसी दौरान नजराना खातून ने चुपचाप अपनी जमीन और घर बेच दिया और सभी का पैसा लेकर फरार हो गयी. ठगी की शिकार महिलाओं में छेदिया देवी 50 हजार, अमेरिका देवी 70 हजार, संजू देवी 80 हजार, खुशियां देवी 50 हजार, जूही देवी 48 हजार, सूबेदार खातून 35 हजार, रीता देवी 50 हजार, रोशनी देवी 98 हजार, तुरिया खातून 70 हजार, झामऊ देवी 70 हजार आदि कई अन्य महिला शामिल हैं. सभी महिलाओं के नाम पर ऋण लिया गया. लेकिन उन्हें मामूली रकम देकर बाकी राशि हड़प ली. अब पीड़ित महिलाएं प्रशासन से आरोपित की शीघ्र गिरफ्तारी, ठगी की राशि की बरामदगी और ग्रुप से लिए गए कर्ज से मुक्ति दिलाने की मांग कर रही हैं. घटना से पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है. सभी पीड़ित महिलाएं अब न्याय के लिए दर-दर भटक रही है.