– पत्थरबाजी के मामले में 116 गिरफ्तार कटिहार पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार सहित अन्य रेल मंडल में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अपने रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ का सराहनीय प्रदर्शन रहा है. सघन निगरानी, त्वरित कार्रवाई और सक्रिय प्रवर्तन रणनीति के माध्यम से आरपीएफ ने रेल परिसरों में सुरक्षा को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया है. जिससे यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित यात्रा वातावरण सुनिश्चित हुआ है. उक्त वर्ष के दौरान, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की आरपीएफ ने चोरी, बिचौलिया तथा अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाये. जिसके परिणामस्वरूप कई मामलों का अनुसंधान किया. गिरफ्तारियां हुई तथा अवैध टिकट जब्त किए गये. पत्थरबाजी की घटनाओं पर भी सख्त कार्रवाई की गई तथा रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा के लिए अतिक्रमण हटाए गये. आरपीएफ ने निरंतर मानवीय पहल भी किया. जिसमें मानव तस्करी के चंगुल से पीड़ितों को रेस्क्यू करना तथा विपत्तिग्रस्त महिलाओं एवं बच्चों सहित व्यक्तियों को सहायता पहुंचाना शामिल है. अवैध और नशीले सामग्रियों की महत्वपूर्ण बरामदगी भी इसकी सतर्कता को दर्शाती है. जो यात्री सुरक्षा, संरक्षण और रेलवे संचालन की विश्वसनीयता के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है. चोरी के 219 मामले में 285 लोग गिरफ्तार, चोरी हुए 291 फोन किया बरामद यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के अपने प्रयासों के तहत, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के आरपीएफ ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से चोरी हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी में उल्लेखनीय प्रगति की है. इस अवधि के दौरान कुल 2,355 मोबाइल फोन ब्लॉक किए गये. 1,265 उपकरणों का सफलता पूर्वक पता लगाया गया तथा 291 फोन बरामद किए गये. जिनमें से 264 फोन उनके असली मालिकों को लौटाए गये. यह पहल आरपीएफ द्वारा डिजिटल साधनों के प्रभावी उपयोग को दर्शाती है. जिससे यात्री शिकायतों का समाधान और खोए या चोरी हुई संपत्ति की त्वरित बरामदगी सुनिश्चित हो रही है. रेलवे सुरक्षा में जनविश्वास और अधिक मजबूत हुआ है. उक्त वर्ष के दौरान, आरपीएफ ने यात्रियों के सामान की चोरी के 219 मामले दर्ज किया. जिनमें 285 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई. बिचौलिया के विरूद्ध 120 मामले दर्ज, 128 गिरफ्तार, 757 टिकट जब्त अनधिकृत गतिविधियों के विरुद्ध अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए, बिचौलिया के खिलाफ 120 मामले दर्ज किए गये. जिनमें 128 गिरफ्तारियां हुईं. इन अभियानों में कुल 757 टिकट जब्त किए गये. जिनकी अनुमानित कीमत 23 लाख रुपये से अधिक है. पत्थरबाजी के मामलों में 154 घटनाओं में 116 आरोपित गिरफ्तार ट्रेनों में पत्थरबाजी के मामले में भी आरपीएफ का कार्य बेहतर रहा. पत्थरबाजी करने वाले आरोपियों को चिन्हित कर कुल 116 आरोपितों को गिरफ्तार किया. जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में पत्थरबाजी की 154 घटनाओं पर कार्रवाई की गई. जिनमें 116 व्यक्तियों को पकड़ा गया. रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और अवैध कब्जों को रोकने के प्रयासों में उल्लेखनीय प्रगति हुई. जहां वर्ष 2025-26 में 699 अतिक्रमण हटाए गये. जबकि उसके पिछले वित्तीय वर्ष यह आंकड़ा 437 था. 55.29 करोड रुपए के मादक पदार्थ आरपीएफ ने की बरामद आरपीएफ ने समय-समय पर ट्रेनों एवं प्लेटफार्म पर चेकिंग अभियान चला कर इस अवधि में बड़ी मात्रा में बरामदगी की है. जिसमें 1.29 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध वस्तुएं तथा 55.29 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ शामिल हैं. जो अवैध गतिविधियों के विरुद्ध इसकी सतर्कता को दर्शाते है. आरपीएफ ने मानवीय प्रयासों के तहत मानव तस्करी के 89 पीड़ितों को रेस्क्यू किया. जो 2024-25 में 10 की तुलना में काफी अधिक है. इसके अतिरिक्त, बीते वर्ष के दौरान 1,125 व्यक्तियों लड़के, लड़कियां एवं महिलाएं सहित, जो विभिन्न संकट की स्थिति में थे. मानव तस्करी के मामलों को छोड़कर को रेस्क्यू किया गया. जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 952 था. एनएफआर के अधीन आरपीएफ की सक्रिय कार्यप्रणाली और बेहतर परिचालन दक्षता को रेखांकित करती हैं, जो पूरे क्षेत्र में सुरक्षित रेल संचालन और बेहतर यात्री सुरक्षा में योगदान देती हैं. कपिंजल किशोर शर्मा, सीपीआरओ एनएफ रेलवे
आरपीएफ ने वित्तीय वर्ष में 55.29 करोड़ के मादक पदार्थ किया जब्त
आरपीएफ ने वित्तीय वर्ष में 55.29 करोड़ के मादक पदार्थ किया जब्त

आरपीएफ ने वित्तीय वर्ष में 55.29 करोड़ के मादक पदार्थ किया जब्त